नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों एवं शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने आमजन से प्राप्त शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता एवं संवेदनशीलता से जांच कर नियमानुसार एवं संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
50 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर जताई नाराजगी-
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित 50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित तहसीलदारों को लंबित शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, किसान कल्याण एवं कृषि, स्कूल शिक्षा सहित अन्य विभागों की राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण रैंकिंग की भी समीक्षा की गई। अपेक्षित स्थिति नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सभी विभागों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण कर राज्य स्तर की टॉप-10 रैंकिंग में स्थान बनाने के निर्देश दिए।
औपचारिक निराकरण नहीं, आवेदक को मिले वास्तविक राहत-
कलेक्टर चंद्रा ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण न किया जाए। प्रत्येक प्रकरण की वस्तुस्थिति की विस्तृत जांच कर आवेदक को संतुष्टिपूर्ण समाधान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अनावश्यक रूप से शिकायतों को फोर्स क्लोज किए जाने पर भी विशेष निगरानी रखने तथा ऐसे प्रकरणों की संख्या न्यूनतम रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शिकायतों के निराकरण की नियमित समीक्षा करने को कहा। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि आगामी तीन दिवस में यदि कोई विभाग राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण रैंकिंग में टॉप-10 में स्थान नहीं बना पाता है, तो संबंधित विभाग की लंबित शिकायतों की गहन समीक्षा कराई जाएगी। लापरवाही, उचित जांच नहीं करने या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
डीपीसी और डाइट प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस के निर्देश-
जिला शिक्षा केंद्र एवं डाइट से संबंधित शिकायतों की समीक्षा के दौरान अपेक्षित गंभीरता से निराकरण नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) एवं डाइट प्राचार्य को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, सिविल सर्जन को स्वास्थ्य विभाग से संबंधित लंबित शिकायतों का आगामी 15 दिवस में संतुष्टिपूर्वक निराकरण कराकर प्रकरण बंद करवाने के निर्देश दिए गए।
नए खेल मैदान के लिए 4 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव देने के निर्देश-
कलेक्टर ने जिला खेल अधिकारी को शहरी क्षेत्र में नए खेल मैदान के लिए 4 हेक्टेयर अथवा इससे अधिक भूमि चिन्हित कर आवंटन के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कार्रवाई समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा।
लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा-
कलेक्टर ने आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली लोक अदालत की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समझौते एवं सहमति के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों के बीच आवश्यक समन्वय समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
माय भारत पोर्टल पर युवाओं के पंजीयन की समीक्षा
बैठक में माय भारत पोर्टल पर 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के पंजीयन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक युवाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अंत्यावसायी, सहकारी विकास, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास, लोक निर्माण, पीआईयू, सामान्य प्रशासन, जेल, श्रम, ऊर्जा एवं राजस्व सहित अन्य विभागों के समय-सीमा प्रकरणों एवं शिकायतों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर चंद्रा ने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों तथा आमजन से प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर शिकायत निराकरण की स्थिति में निरंतर सुधार लाने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर बीएस कलेश, एसडीएम पराग जैन, डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे, श्रुति भयडिया सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।