भोपाल। एमपी में खनिज नीलामी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सोमवार को प्रशासन अकादमी में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें खनिज ब्लॉक की नीलामी को लेकर जानकारी दी जा रही है। खनिज साधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4 मुख्य खनिज ब्लॉक में वैधानिक अनुमति प्राप्त कर नीलाम करने की योजना बनाई है। वहीं विभाग जल्द ही 100 मुख्य खनिज ब्लॉकों की नीलामी के लिए ई-निविदा जारी करने की तैयारी कर रहा है।
विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव की मौजूदगी में हो रही कार्यशाला में प्रदेश के मुख्य खनिज के नीलाम और खनिज ब्लॉकों के क्रियान्वयन पर चर्चा हो रही है। कार्यशाला में मुख्य खनिज की नीलामी प्रक्रिया एवं इससे संबंधित विषय-विशेषज्ञ, जिला अधिकारी, आरक्यूपी और अधिमान्य बोलीदार शामिल हो रहे हैं।
कार्यशाला के दौरान माइनिंग की शर्तों की जानकारी देने के साथ माइनिंग ब्लॉक्स की जियोग्राफी डिटेल दी गई और खनिज बोली में शामिल होने के इच्छुक कम्पनियों के प्रतिनिधियों के सवालों के जबाव खनिज अधिकारियों ने दिए। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश देश में खनिज नीलामी की प्रक्रिया पूरी करने और केंद्र सरकार की गाइडलाइन पर अमल करने वाले राज्यों में अग्रणी स्टेट में शामिल है। विभाग द्वारा 10 हजार 290 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त किया गया है, जो अभी तक प्राप्त खनिज राजस्व में सबसे अधिक है।
खनिज विभाग द्वारा खनिज राजस्व प्राप्ति के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13 हजार करोड़ रुपए का टारगेट रखा गया है। नीलाम किए गए 24 मुख्य खनिज ब्लॉक तथा 9 अकार्यशील खदानों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए खनिज साधन विभाग के लक्ष्य निर्धारित कर लिए गए हैं।
खनिज साधन विभाग द्वारा 100 मुख्य खनिज ब्लॉकों की नीलामी के लिए ई-निविदा जारी की जाएगी। 8 खनिज ब्लॉकों में पर्यवेक्षण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही 10 खनिज ब्लॉकों में इंटीग्रेटेड लाइसेंस स्वीकृति आदेश जारी किये जा रहे हैं।
खनिज साधन विभाग द्वारा आवंटित 4 कोयला ब्लॉकों का संचालन प्रारंभ किया जाना है। पर्यवेक्षण कार्य 20 क्षेत्रों में पूर्ण कर खनिज उपलब्धता प्रमाणित होने पर इन क्षेत्रों पर खनिज ब्लॉक की नीलामी की जाएगी। साथ ही 82 नवीन क्षेत्रों पर खनिज की खोज के लिए पर्यवेक्षण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।