इंदौर। शहर में लगातार बढ़ रहे जिम और खेल संस्थानों को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। राजपूत करणी सेना ने सोमवार को पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि जिम और कोचिंग सेंटरों में काम कर रहे ट्रेनरों की कड़ी जांच की जाए और उनका पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाए।
नशीले पदार्थों की लत लगा रहे
राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों का कहना है कि शहर की महिलाएं और युवतियां अब जिम और फिटनेस सेंटरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन कई जिमों में बिना जांच के बाहरी और संदिग्ध युवकों को ट्रेनर बना दिया गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया है कि कई जिम ट्रेनर युवाओं को सप्लीमेंट और स्टेरॉयड के नाम पर नशीले पदार्थों की लत लगा रहे हैं। इसके साथ ही महिलाओं से नजदीकी बढ़ाने की कोशिश की जाती है और कुछ मामलों में युवतियों को झांसा देकर निजी जीवन में दखल तक दिया जा रहा है।
ऐसे में संस्थानों को भी जिम्मेदार ठहराए
करणी सेना ने अपने ज्ञापन में एक हालिया घटना का जिक्र किया है, जिसमें कथित रूप से एक युवक ने एक विवाहित महिला को अपने जाल में फंसा लिया, जिससे उसका वैवाहिक जीवन टूट गया। बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार एक पुलिस अधिकारी से संबंधित है और इस घटना से उनके पूरे परिवार पर गहरा प्रभाव पड़ा है। करणी सेना का कहना है कि कई संस्थानों में जानबूझकर ऐसे ट्रेनरों को काम पर रखा जा रहा है जिनकी पृष्ठभूमि संदिग्ध है। ऐसे में संस्थानों को भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।