इंदौर। फूल मंडी हटाने की मांग को लेकर बुधवार को मां हरसिद्धी रहवासी संघ, मोती तबेला रहवासी संघ ने जन आक्रोश रैली निकाली और कलेक्टर ऑफिस के सामने जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। दोनों रहवासी संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
रहवासियों का कहना है कि वे काफी समय से फूल मंडी से परेशान हैं। आए दिन विवाद की स्थिति बनती है। मंडी शिफ्ट की जा चुकी है तो यहां अवैध रूप से फूल मंडी क्यों लग रही है। पहले भी इसकी शिकायत की जा चुकी है। मगर स्थिति आज भी वैसी ही है।
ज्ञापन में बताई पीड़ा
रहवासी संघ ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया। जिसमें लिखा है रहवासी क्षेत्र हरसिद्धी और मोतीतबेला की गलियों एवं मुख्य मार्गों पर अवैध रूप से फूल मंडी घरों के साथ-साथ रोड पर भी लग रही है। मंडी में आने वाले ग्राहक-किसानों की गाड़ियां बीच रोड पर अव्यवस्थित रूप से खड़ी हो जाती हैं, जिससे स्कूल बस, ऑटो-रिक्शा जैसे वाहनों को निकलने में दिक्कत होती है। अवैध मंडी के कारण रोड पर जाम लग जाता है। अवैध फूल मंडी में आने वाले बाहरी तत्वों की भीड़, चिल्ला-पुकार और रोड जाम होने के कारण क्षेत्रीय महिलाएं और बच्चियां बाहर निकलने में डरती हैं। इन्हें दुकानें-गाड़ियां हटाने का बोलने पर रहवासियों को धमकाते हैं। कई बार मारपीट की स्थिति बन जाती है।
मांग पूरी नहीं होने पर करेंगे आंदोलन
अवैध फूल मंडी लगाने के लिए आधी रात को किसान-व्यापारी आ जाते हैं। गाड़ियों के शोर, जोर-जोर से चिल्लाकर बोली लगाते हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई, रहवासियों की नींद भी नहीं होती है। रहवासियों का कहना है कि उनके सुखाधिकार का हनन हो रहा है।
कई रहवासियों का खुद का मकान होने के बाद भी दूसरी जगह किराए से रहना पड़ रहा है। रहवासियों ने कहा कि पंढरीनाथ से सभी फूल मंडी चोइथराम में शिफ्ट की जा चुकी है। यहां पर अवैध रूप से दुकानें लगाई जा रही हैं। अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे आगे चरणबद्ध उग्र आंदोलन करेंगे।