चित्तौड़गढ़। शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के अंतर्गत आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान जयपुर के दिशा निर्देश पर 24 मई से 30 मई तक एक सप्ताह का फल व सब्जियों के रखरखाव, व उनकी गुणवत्ता एवं फलों को पकाने में उपयोग लिए जा रहे रसायन की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसमें कैल्शियम कार्बाइड जैसे हानिकारक रसायनों से फलों को पकाए जाने, फलों में आर्टिफिशियल स्वीटनर, व रंग आदि के उपयोग पर पाबंदी लगाने, व सड़े गले फल सब्जी के विक्रय को रोकने हेतु एवं फल सब्जी के नमूनीकरण हेतु निर्देशित किया गया है।
जिसके तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर ताराचंद गुप्ता के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा दल ने कृषि उपज मंडी स्थित मेसर्स ईश्वर दास पेरूमल, मेसर्स सतपाल एंड संस्, मेसर्स शिव धारा फ्रूट्स, मेसर्स आर के ट्रेडिंग कंपनी ,मेसर्स अजय ट्रेडिंग कंपनी एवं फ्रेश फ्रूट कंपनी का निरीक्षण किया गया।
इसी प्रकार खाद्य सुरक्षा दल ने पुरानी पुलिया स्थित कृष्ण फ्रूट्स, मेसर्स दीवाना फ्रूट तथा प्रदीप कुमार रामचंद्र ट्रेडिंग कंपनी का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उक्त प्रतिष्ठानों से पपीता, तरबूज, हापुस आम, केसर आम, बादाम आम, नागपुरी आम, सिंदुरी आम एवं केला का नमूना लिया गया एवं विभिन्न सब्जियों जैसे बैंगन, अदरक, नींबू ,भिंडी,तोरई, तर ककड़ी, टिनडोरी,इत्यादि के भी नमूने लिए तथा निरीक्षण के दौरान फ्रेश फ्रूट कंपनी पर सड़े गले लगभग 250 किलोग्राम तरबूज को मौके पर ही नष्ट कराया गया। इसी प्रकार 20 किलोग्राम शिमला मिर्च एवं 20 किलोग्राम सड़े गले अनार को भी नष्ट कराया।