भोपाल। चौथे समयमान वेतन मान के लिए इंतजार कर रहे डेढ़ लाख शिक्षकों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने इसकी स्वीकृति दे दी है और अब इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव भेजा जाएगा जिसके बाद इन शिक्षकों को समयमान वेतनमान का फायदा मिल सकेगा। सीएम ने करीब दो साल पहले इसकी घोषणा की थी लेकिन शिक्षकों को तब इसका फायदा नहीं मिल पाया था।
प्रदेश के 1.50 लाख से अधिक टीचर अब चौथे समयमान वेतनमान का लाभ पा सकेंगे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ देने की घोषणा की थी। इसके बाद सीएम के घोषणा पर अमल के आदेश भी जारी हुए और कई विभागों में यह लागू भी हो गया, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को इसका फायदा नहीं मिला। तब शिक्षकों को क्रमोन्नति मिलने का हवाला देकर इस फायदे से वंचित कर दिया गया था।
इसके बाद शिक्षक संघ की मांग जारी रही तो विभाग ने इसको लेकर कवायद शुरू की। इसके लिए जीएडी के आदेश के आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग ने दो माह पहले वित्त विभाग को फाइल भेजी जिसे वित्त ने मंजूरी दे दी है। अब स्कूल शिक्षा विभाग इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए मुख्य सचिव को भेजने जा रहा है और जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद समयमान वेतनमान से वंचित शिक्षकों को लाभ मिल सकेगा।
35 साल की सेवा पर मिलता चौथा समयमान वेतनमान
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार चौथे समयमान वेतनमान का फायदा 35 साल की सेवा पूरी करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को दिया जाता है। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने पदोन्नति पर रोक के चलते कर्मचारियों के नुकसान की भरपाई के लिए चौथा समयमान वेतनमान देने का फैसला किया था।