रतलाम। महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आजीविका परियोजना का संचालन किया जा रहा है। इसी के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को लखपति बनाने के लिए भी निरन्तर कार्य किए जा रहे है। ऐसी ही महिलाओं में शामिल है रतलाम जिले के जावरा के पास के छोटे से गांव सरसोद में रहने वाली बुलाक मालवीय जिन्हें बुलाक दीदी भी कहा जाता है। बुलाक मालवीय की आर्थिक स्थिति समूह में जुड़ने से पूर्व अच्छी नहीं थी। खेती बाड़ी कम होने से आमदनी भी कम ही होती थी। जिससे परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
10 वी तक पढ़ी लिखी बुलाक मालवीय ने आजीविका मिशन के तहत राधा स्वामी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर कम दर पर ऋण लेकर कटलरी की दुकान प्रारंभ की। इसके पश्चात बैंक सखी की 7 दिवसीय ट्रेनिंग लेने के बाद समूह गठन सीआरपी की ट्रेनिंग प्राप्त कर बुलाक गाँव-गाँव जाकर काम करने लगी। जो पहले कभी बाहर नहीं जाया करती थी अब अकेली बाहर जाकर बैंकिंग का काम करने लगी।
बुलाक के कार्य के प्रति समर्पण और मेहनत से उसे प्रतिमाह 3000 रुपए मिलने लगे इसके साथ समूह गठन से भी अच्छी आमदनी होने लगी।बुलाक बताती है कि आजीविका मिशन में जुड़ कर मैंने पहली बार बैंक देखी उससे पहले मैं कभी बैंक नहीं गई थी। अब मैं बैंक जाकर दीदीयो के खाते खुलवाती और लोन भी करवाती हूं। प्रदेश शासन द्वारा महिलाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई महिला सशक्तिकरण की योजना का लाभ उठाकर मेरे जैसी कई महिलाएं आर्थिक तौर पर मजबूत हुई है। इसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का धन्यवाद करती हूं।