देवास। प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र देवास ने बताया कि विकसित कृषि संकल्प अभियान अंतर्गत आज बागली विकास खण्ड के ग्राम घटिया गयासुर, पुनासा, नेवरी तथा खातेगांव विकासखण्ड के सुकरास, ओलाम्बा, सोनगांव एवं कन्नौद विकासखण्ड के ननासा, बहीरावद, पिपलानी पंचायतों में डॉ. नीरजा पटेल, डॉ. मनोज त्रिपाठी, कृभको के प्रबंधक राजेश पाटीदार, डॉ. महेन्द्र सिंह, डॉ. धीरज कुमार एवं डॉ. के.एस.भार्गव व डॉ. हेमन्त माहेश्वरी के साथ-साथ कृषि विभाग के संबंधित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सहित मैदानी अमला, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग के अमलों ने किसानों को नवीन तकनीकी की जानकारी से अवगत कराया तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई।
वैज्ञानिकों ने जिले में उगाई जाने वाली मुख्य फसल सोयाबीन के साथ प्राकृतिक खेती एवं भूमि सुपोषण कैसे किया जाए जिससे धरा पोषित हो सके इस संबंध महत्वपूर्ण जानकारी प्रदाय की। भूमि सुपोषण में देशी गाय की महत्ता को बताते हुए उल्लेखित किया गया है कि जब तक किसान गाय का गोबर खेत में समुचित तरीके से नहीं उपयोग करेगा तब तक भूमि का सुपोषण नहीं हो सकता। यदि खेत की मृदा सुपोषित है तो निश्चित ही उसमें उगने वाला अन्न, दालें तथा सब्जियां भी सूक्ष्म तत्वों से भरपूर होंगे जिससे मानव शरीर में होने वाली विभिन्न बीमारियों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
अभी हमारे देश में मूल्य संवर्धन काफी कम मात्रा में होता है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद का सही मूल्य नहीं मिल पाता है इसलिए किसानों को विभिन्न फल, सब्जियों, दालों तथा अनाजों में मूल्य संवर्धन करने के लिए भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
जिले में 15 दिवसीय अभियान का दूसरा दिन है। शनिवार को दल देवास विकासखण्ड के दतोत्तर, पंथमुण्डला तथा साबूखेड़ी, सोनकच्छ विकासखण्ड के कुलाला, काकरदा तथा बोलासा एवं टोंकखुर्द विकासखण्ड के इकलेरा, नागपचलाना तथा मुण्डला दांगी पंचायतों में संवाद करेंगें। किसान भाईयों से अनुरोध है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर नवीन तकनीकों की जानकारी से अवगत होकर इसे अपनाएं तथा खेती से अधिक लाभ उठाये।