नीमच। नगर पालिका सीएमओ महेन्द्र वशिष्ठ को अनियमितताओं और कार्यशैली को लेकर एक बार फिर निलंबित कर दिया गया है। पूर्व में मनासा नगर परिषद से भी इसी तरह की शिकायतों के चलते उन्हें हटाया गया था।
नीमच में भी कार्यकाल के दौरान अमृत 2.0 योजना में देरी, भूमि आवंटन में गड़बड़ी, लीज नवीनीकरण और नामांतरण मामलों में लापरवाही, विशेष सम्मेलन बुलाने में मनमानी जैसी गंभीर शिकायतें सामने आईं। नगरपालिका अध्यक्ष और अन्य पार्षदों ने उनके खिलाफ कई तथ्यात्मक शिकायतें की थीं। सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई के मामलों में भी उनकी उदासीनता सामने आई। इन सबके चलते नगरीय प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त कैलाश वानखेड़े ने उन्हें निलंबित कर उज्जैन संभागीय कार्यालय अटैच कर दिया है। वशिष्ठ का रिटायरमेंट निकट है, लेकिन दूसरी बार निलंबन ने उनके कार्यकाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।