नीमच। ज़िले की मनासा तहसील के कुंडलादृखानखेड़ी क्षेत्र में एक बार फिर अवैध रूप से रेती खनन का कार्य शुरू हो गया है। स्थानीय अवैध रेती कारोबारियों ने गाँधीसागर बांध के बेकवाटर में फाइटर मशीनों को पुनः सक्रिय कर दिया है। वर्तमान में सात फाइटरों के माध्यम से रेती निकाली जा रही है, जो कुंडलादृखानखेड़ी सहित मल्हारगढ़ तहसील के संजीत क्षेत्र में खाली की जा रही है।
कुछ दिनों पूर्व मंदसौर और नीमच प्रशासन द्वारा इन अवैध फाइटरों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। उस समय कई कारोबारी फाइटर मशीनों को नदी में डुबोकर या छिपाकर बच गए थे। मंदसौर प्रशासन ने जहाँ पोकलेन मशीन से फाइटरों को नष्ट कर दिया था, वहीं नीमच प्रशासन इन मशीनों को पूरी तरह से नष्ट नहीं कर सका था। अब इन्हीं फाइटरों को मरम्मत कर दोबारा संचालन में लाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि ये मशीनें मनासा तहसील के कुंडलादृखानखेड़ी और आसपास के इलाकों की हैं। हालांकि, पहले कुंडलादृखानखेड़ी क्षेत्र के कुछ राजनीतिक प्रभावशाली लोगों ने मंदसौर खनिज अधिकारी पर दबाव डालने का प्रयास किया था, लेकिन उस समय उनका दबाव नहीं चला था। अब ये कारोबारी प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए दोबारा अवैध रेती खनन शुरू कर चुके हैं।
इस पूरे प्रकरण की शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता विक्रमसिंह चंद्रावत ने नीमच कलेक्टर, मनासा एसडीएम पवन बड़िया और 181 जनसुनवाई हेल्पलाइन पर भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अब सवाल उठता है कि क्या नीमच और मंदसौर प्रशासन संयुक्त कार्रवाई कर इन अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाएगा?
एक फाइटर संजीतगढ़ी में डूबा-
कुछ दिनों पहले संजीतगढ़ी क्षेत्र में एक फाइटर मशीन डूब गई थी। उसे बाहर निकालने के लिए अब हेट्रो मशीन को बुलाया गया है और उसके आने के लिए रास्ता तैयार किया जा रहा है।