माउंटआबू। 3 जून को अंतरराष्ट्रीय साइकिल दिवस मनाया जाता है। ऐसे में एक ऐसे ऑफिसर की कहानी जो साइकिल को लेकर पूरे राजस्थान में चर्चित है। साइकिलिंग को लेकर कुछ भी कहने की जरुरत नहीं है। साइक्लिंग आज की तारीफ में युवाओं के साथ बुजुर्गों के लिए एक बड़ै पैशन बन चुका है। यहां तक कि अब मंत्री और सरकारी अधिकारी भी साइकिल से ऑफिस आते देखे ज सकते हैं। इसी क्रम में माउंटआबू के आयकर अधिकारी की चर्चा जोरो पर है जिनका नाम है राजेश भाटी। हमारे संवाददाता अनिल कुमार ऐरन ने उनसे खास बातचीत की जिसमें उन्होंने अपने इस अनोखे शौक के बारे में बताया जो उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है।
राजेश भाटी पिछले डेढ़ साल से माउंटआबू में पोस्टेड है पिछले 13 साल से साइक्लिंग कर रहे हैं। अनिल कुमार ऐरन से बातचीत के क्रम में उनहोंने बताया कि वो अबतक एक लाख 30 हजार किलोमीटर साइकिल चला चुके हैं। उनके मुताबिक ष् मेरी कई जगह पोस्टिंग रही चाहे कोटा हो पाली हो या उदयपुर ओर अब माउंट आबू हर जगह हर दिन मै 20 से 25 किलोमीटर साइक्लिंग करता हु, यहां तक कि पिछले साल अहमदाबाद में मेरी दो माह की ट्रेनिंग थी उस दौरान भी मेरी साइक्लिंग मेरे साथ थी, मैं पिछले 13 सालों से डायबिटिक हूँ।। तब से ही साइक्लिंग कर रहा हूं,,आप हैरान होंगे ये जान कर की मैने मेरी दवा का डोज नहीं बढ़ने दिया, जहां भी मेरी पोस्टिंग रही में लोगों को साइक्लिंग के लिए प्रेरित करता रहता हूं।
राजेश भाटी ने माउंट रहते दो बार गुरु शिखर तक की साइक्लिंग कर दी है और वो रोज आरणा हनुमान जी तक साइक्लिंग करते हैं। उनके साइकिल चलाने का जुनून देख कर बहुत से लोग साइक्लिंग करने लगे है, ओर वो उन्हें साइकिल वाला तक कहने लगे हैं।
राजेश भाटी ने अनिल कुमार ऐरन के साथ बातचीत में बताया कि मेरी कई जगह पोस्टिंग रही चाहे कोटा हो पाली हो या उदयपुर ओर अब माउंट आबू हर जगह हर दिन मै 20 से 25 किलोमीटर साइक्लिंग करता हूं । यहां तक कि पिछले साल अहमदाबाद में मेरी दो माह की ट्रेनिंग थी उस दौरान भी मेरी साइक्लिंग मेरे साथ थी। मैं पिछले 13 सालों से डायबिटिक हूँ। तब से ही साइक्लिंग कर रहा हूं,आप हैरान होंगे ये जान कर की मैने मेरी दवा का डोज नहीं बढ़ने दिया। जहां भी मेरी पोस्टिंग रही में लोगों को साइक्लिंग के लिए प्रेरित करता रहता हूँ। कोटा पोस्टिंग के दौरान बहुत से साइक्लिस्ट अच्छे फ्रेंट्स मिले और उनसे अभी भी अच्छी दोस्ती है।
आज के दौर में तकनीकी प्रगति के कारण साइकिल का उपयोग कम हो गया है, लेकिन इसे फिर से अपनाकर हम स्वस्थ और फिट रह सकते हैं। साइकिल चलाने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है। साइकिल चलाना न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह फिट इंडिया मूवमेंट का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। गौर हो कि 3 जून को वर्ल्ड साइकिल डे मनाया जाता है।