BREAKING NEWS
NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : लंबित शिकायतों के निराकरण में लापरवाही.. <<     KHABAR : एसपी राजेश व्यास ने जनसुनवाई में सुनी 76.. <<     KHABAR : वंदे मातरम् के अधूरे गायन पर भाजपा का.. <<     BIG NEWS : नीमच में नशे के सौदागरों पर पुलिस का बड़ा.. <<     KHABAR : तीन पीड़ित परिवारों को 12 लाख रुपये की.. <<     REPORT : पाडलघाटी उप स्वास्थ्य केंद्र और मेडिकल.. <<     KHABAR : सफलता की कहानी- पंख अभियान से मिली नई उड़ान,.. <<     NEWS : आपातकालीन स्थिति से निपटने हेतु.. <<     लंबित छात्रवृत्ति की मांग को लेकर नर्सिंग.. <<     KHABAR : चार माह से सड़क की मरम्मत नहीं, गड्ढों से.. <<     REPORT : कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों.. <<     जर्जर पुलिया से परेशान दयालपुरा के ग्रामीण,.. <<     दतिया में शासकीय क्वार्टर खाली कराने पहुंचा.. <<     BIG NEWS : रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को बड़ा तोहफा,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
June 3, 2025, 10:26 am
KHABAR : सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों ने रैली निकाल कर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन का दिया अल्टीमेटम विशाल आंदोलन की दी चेतावनी, पढे़ खबर

Share On:-

अशोकनगर। जिला पंचायत CEO राजेश जैन के खिलाफ ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच और ग्राम रोजगार सहायकों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा बल्कि यह तेज हो गया है। संगठनों ने श्रीकृष्ण संस्थान से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।


ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि CEO के निर्देशन में पंचायतों में काम करने वाले रोजगार सहायकों को टारगेट किया जा रहा है, जबकि योजनाओं की जिम्मेदारी सभी की होती है।


ज्ञापन में कहा गया कि योजनाओं में कमी या असफलता के लिए केवल रोजगार सहायकों को जिम्मेदार ठहराकर उनका मानदेय रोका जा रहा है, पद से हटाया जा रहा है, जबकि सचिव, तकनीकी अमला और जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी है।


संगठनों ने कहा कि पिछले तीन महीनों में 30 से ज्यादा ग्राम रोजगार सहायकों की असमय मृत्यु हो चुकी है। लेकिन ना विभाग ने कोई अनुग्रह राशि दी और ना ही अनुकम्पा नियुक्ति। इससे प्रदर्शन के दौरान मांग रखी गई कि रोजगार सहायकों को पंचायत सहायक सचिव बनाकर नियमित सेवा में लिया जाए, 10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि और एक परिजन को नौकरी, वर्ष 2018 और 2023 की घोषणाओं को अमल में लाया जाए, हर महीने की 30 तारीख तक मानदेय भुगतान सुनिश्चित हो, सचिवों की तरह वेतनमान, ग्रेड-पे, T.A.-D.A., NPS का लाभमिले, मनरेगा के लक्ष्य का पूरा दबाव सिर्फ सहायकों पर न डाला जाए साथ ही रिक्त पदों पर भर्ती हो, महिला सहायकों को जरूरत अनुसार स्थानांतरण मिले।


संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि 15 दिनों में इन मांगों पर कोई फैसला नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर के रोजगार सहायक कलमबंद और कंप्यूटरबंद अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE