राजगढ़। फतेहपुर गांव में एक दलित किसान अपने परिवार के साथ तहसील कार्यालय के बाहर धरना पर बैठा है। मंगलवार सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस धरने का कारण उनकी जमीन में की गई कथित फर्जी तरमीम (भूमि संशोधन) के विरोध में है।
जानकारी के अनुसार किसान कैलाश वर्मा की शिवघाम कॉलोनी के सामने साढ़े चार बीघा कृषि भूमि है। ये जमीन उनके दादा धीसालाल वर्मा के नाम पुराने राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। वर्मा का आरोप है कि कुछ भू-माफिया ने मिलकर इस जमीन पर राजस्व रिकॉर्ड में गैरकानूनी तरीके से फेरबदल करवा लिया। वे पिछले तीन साल से इस मामले की शिकायत लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
अधिकारियों पर मिलीभगत का लगाया आरोप
20 मई को एसडीएम ने जमीन में किए गए अवैध संशोधन को निरस्त कर दिया था। लेकिन जब वर्मा इलाज के लिए कोटा गए, तब आठ दिन पहले उनकी जमीन पर फिर से अवैध फेरबदल की गई। वर्मा का आरोप है कि ये कार्रवाई अधिकारियों की मिलीभगत से हुई है।
अलग-अलग नामों से फर्जी फेरबदल करवाई गई हैश्
वर्मा के अनुसार, हाईवे के मुआवजे का लाभ लेने के लिए ये हेराफेरी की जा रही है। सर्वे नंबर 465/37 की आठ बीघा जमीन को छोटे टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग नामों से फर्जी फेरबदल करवाई गई है।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
धरने की सूचना मिलते ही कई सामाजिक संगठन और ग्रामीण वर्मा परिवार के समर्थन में पहुंचे। तहसील परिसर में इस मामले को लेकर हलचल मची हुई है। कैलाश वर्मा ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।