सतना। नगर निगम के सामान्य सम्मेलन की बैठक बुधवार को निगम परिसर के कांफ्रेंस हॉल में हुई। बैठक में कांग्रेस के सभी विपक्षी पार्षद अनुपस्थित रहे। वहीं सत्तापक्ष और निर्दलीय पार्षदों के बीच विकास कार्यों को लेकर तीखी बहस और विरोध देखने को मिला। इसी बीच एक महिला पार्षद बैठक स्थल पर धरने पर बैठ गईं।
वार्ड-1 की निर्दलीय पार्षद मीना माधव ने अपने वार्ड में विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बैठक का एजेंडा सिर्फ नामकरण तक सीमित कर दिया गया है। अध्यक्ष उमेश चतुर्वेदी ने उन्हें एजेंडे पर बात करने को कहा, जिस पर सत्तापक्ष के पार्षदों से तीखी बहस हो गई। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा, फिर मामला शांत हुआ।
सत्ता पक्ष की पार्षद ने धरना दिया
वार्ड-44 की भाजपा पार्षद अर्चना गुप्ता ने अपने वार्ड के लंबित कामों की सूची लेकर अध्यक्ष की आसंदी तक पहुंचकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होते समय किए गए वादे पूरे नहीं हुए। नाराज होकर वह बैठक स्थल पर धरने पर बैठ गईं। महापौर योगेश ताम्रकार ने समझाइश दी, जिसके बाद वह अपने स्थान पर लौट आईं।
स्ट्रीट लाइट की जांच होगी
वार्ड-3 के पार्षद अभिषेक तिवारी ने स्ट्रीट लाइट की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘चाइना मेड’ बताया। इस पर अध्यक्ष ने तीन पार्षदों की जांच समिति बनाने की घोषणा की। अभिषेक तिवारी ने तालाबों के संरक्षण का मुद्दा भी उठाया।