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June 5, 2025, 11:45 am
KHABAR : तैयारी- कितना पानी जमीन में गया, इसकी भी होगी गणना, मप्र के 80 आरओबी, 7 फ्लाइओवर के नीचे बनेंगे वाटर हार्वेस्टिंग पॉइंट, पढे़ खबर 

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भोपाल। लोक निर्माण विभाग द्वारा मप्र में बनाए गए 80 आरओबी (रोड ओवर ब्रिज) और 7 फ्लाई ओवर के नीचे और बगल में वाटर हार्वेस्टिंग पॉइंट बनाए जाएंगे। फ्लाई ओवर में 1 भोपाल का, 3 रीवा के, 1 सतना का, 1 जबलपुर और 1 देवास का शामिल है। शुरुआत भोपाल से होगी। मंत्री ने इसको लेकर 21 मई को विभागीय इंजीनियरों को काम करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद इंजीनियरों की एक टीम सर्वे कर रही है और इसकी जानकारी जमा की जा रही है।


काम से जुड़े लोगों ने बताया कि यह वाटर हार्वेस्टिंग पाइंट ब्रिज की बनावट के हिसाब से तय किए जांएगे। जैसे भोपाल में तीन पिलर के बीच में एक पाइंट होगा, वहीं दूसरे जगहों पर इसकी दूरी घटाई या बढ़ाई जा सकती है। इतना ही नहीं आरओबी और फ्लाइओवर से कितना पानी जमीन में गया, इसकी गणना भी की जाएगी। जो जानकारी अब तक विभाग के इंजीनियरों ने जुटाई है, उसमें सामने आया कि आरओबी का पूरा पानी नालियों में जा रहा है या सड़कों पर भर रहा है।


15 दिन पहले ही दे दिए थे काम के निर्देश
विभागीय मंत्री राकेश सिंह ने करीब 15 दिन पहले 7 चीफ इंजीनियर दलों से प्रदेश के 7 जिलों में किए गए कुल 35 निर्माण कार्यों के निरीक्षण प्रतिवेदनों पर चर्चा की थी। इसी में उन्होंने बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया था मानसून से एलिवेटेड कॉरिडोर से वर्षा जल पुनर्भरण की योजना बनाई जाए। उन्होंने इसके लिए जबलपुर में निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर के उदाहरण का हवाला देते हुए कहा था कि सभी फ्लाइओवर्स और एलिवेटेड संरचनाओं में वर्षा जल निकासी को रिचार्ज बोर से जोड़ने का प्रयास करें।


साथ ही सभी फ्लाइओवर्स से संभावित भूजल पुनर्भरण की गणना की जाए। इसके बाद इस पर काम शुरू हुआ और गुरुवार को इसी विषय पर बैठक व सेमिनार भोपाल में आयोजित होगा। जिसमें खुद मंत्री मौजूद रहेंगे। यहां प्रेजेंटेशन होगा कि कैसे विभाग वाटर हार्वेस्टिंग पाइंट पर काम करेगा और यह कितनी दूरी तक होंगे।

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