नीमच। नगर पालिका परिषद नीमच की पीआईसी (परिषद संचालन समिति) की बैठक बुधवार को आयोजित हुई। इस बैठक में कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। बैठक निर्धारित समय सुबह 10.30 बजे की बजाय 11 बजे शुरू हुई और इसे बंद कमरे में आयोजित किया गया, जिस पर कुछ पार्षदों ने पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया। पार्षद छाया जायसवाल ने शहर के 40 वार्डों में लगी स्ट्रीट लाइटों से संबंधित फाइल की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइटों की खरीद और खर्च में अनियमितताएं हुई हैं। वहीं, पार्षद अशोक जोशी ने जावद के एक ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही का मुद्दा उठाया।
सीवरेज लाइन भुगतान पर आपत्ति-
अमृत योजना-1 के तहत बिछाई गई सीवरेज लाइन के अंतिम बिल भुगतान पर भी विवाद सामने आया। सभापति दारा सिंह यादव, पार्षद नीरज अहीर और अशोक जोशी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि भुगतान से पहले कार्य की गुणवत्ता और पूर्णता की जांच आवश्यक है।
स्वच्छ भारत मिशन और जल प्रदाय योजना पर चर्चा-
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सेनेटरी लैंडफिल और एमआरएफ सेंटर के लिए भूमि आवंटन पर चर्चा की गई। इसके अलावा अमृत-2.0 योजना के अंतर्गत जल प्रदाय योजना में देरी को देखते हुए निविदा निरस्त करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
अन्य प्रस्तावों पर विचार
बैठक में विधायक की अनुशंसा पर विभिन्न निर्माण कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने और समयपाल दीपक शर्मा को निलंबन अवधि से बहाल करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त नगर पालिका में जमा भंगार (स्क्रैप) की विक्रय प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उठे मुद्दों और लिए गए निर्णयों का सीधा प्रभाव शहर के विकास कार्यों पर पड़ेगा। पार्षदों द्वारा उठाए गए सवालों ने नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं।