रतलाम। मध्य प्रदेश की रतलाम पुलिस ने एक मुहिम शुरू की है। जिसके तहत पुलिस घर-घर जाकर बुजुर्गों से मिल रही है और उनकी समस्याओं का समाधान करने की कोशिश कर रही है. रतलाम पुलिस ने शहर में अकेले रह रहे बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन शुरू किया है और एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. जिस पर बुजुर्ग व्यक्ति पुलिस को फोन कर मदद मांग सकते हैं। इस पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी। इसके लिए एक विशेष टीम का गठन भी किया गया है, जो बुजुर्गों के स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी निभाएगी।
बुजुर्गों की मदद के लिए वालंटियर नियुक्त
इस मुहिम के पहले चरण में 60 साल के ऊपर के बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है. पुलिस के अधिकारी इन बुजुर्गों से जाकर मुलाकात कर रहे हैं और उनसे उनकी समस्याओं की जानकारी ले रहे हैं. इसमें उन बुजुर्गों का खास ध्यान रखा जा रहा है जो अकेले रहते हैं। उनकी मदद के लिए अब स्थानीय वॉलिंटियर को भी नियुक्त किया जा रहा है।
रिटायर्ड पुलिसकर्मी और नगर ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों और युवाओं को वॉलिंटियर्स की इस टीम में रखा गया है. माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करने वाले और उन्हें घर से बेदखल करने वाले कुपुत्रों को भी पुलिस समझाइश दे रही है, नहीं मानने पर कानून की मदद से उनको सही रास्ते पर लाया जाएगा।
साइबर फ्रॉड के बारे में भी बुजुर्गों को किया जा रहा जागरूक
रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया कि ष्कोई व्यक्ति किसी बुजुर्ग को धमकी दे, दुर्व्यवहार करे या परेशान करे तो वह सीधे पुलिस को कॉल कर मौके पर बुला सकते हैं. किसी भी तरह की आवश्यकता होने पर वह पुलिस को कॉल कर बता सकते हैं. पुलिस तत्काल उनकी मदद के लिए पहुंचेगी। इसके साथ ही अकेले रहने वाले बुजुर्गों को साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से संबंधित जानकारी भी दी जा रही है। पुलिस के इस कदम का वृद्धजन खूब स्वागत कर रहे हैं।