BREAKING NEWS
MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : लंबित शिकायतों के निराकरण में लापरवाही.. <<     KHABAR : एसपी राजेश व्यास ने जनसुनवाई में सुनी 76.. <<     KHABAR : वंदे मातरम् के अधूरे गायन पर भाजपा का.. <<     BIG NEWS : नीमच में नशे के सौदागरों पर पुलिस का बड़ा.. <<     KHABAR : तीन पीड़ित परिवारों को 12 लाख रुपये की.. <<     REPORT : पाडलघाटी उप स्वास्थ्य केंद्र और मेडिकल.. <<     KHABAR : सफलता की कहानी- पंख अभियान से मिली नई उड़ान,.. <<     NEWS : आपातकालीन स्थिति से निपटने हेतु.. <<     लंबित छात्रवृत्ति की मांग को लेकर नर्सिंग.. <<     KHABAR : चार माह से सड़क की मरम्मत नहीं, गड्ढों से.. <<     REPORT : कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों.. <<     जर्जर पुलिया से परेशान दयालपुरा के ग्रामीण,.. <<     दतिया में शासकीय क्वार्टर खाली कराने पहुंचा.. <<     BIG NEWS : रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को बड़ा तोहफा,.. <<     KHABAR : चंचल सोनी की पढ़ाई में आर्थिक समस्या नहीं.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
June 6, 2025, 1:57 pm
KHABAR : जिला पंचायत अध्यक्ष पति हरिओम अग्निहोत्री पर लगे 2.92 करोड़ रुपये के आरोप निराधार- ब्रांच मैनेजर, पढे़ भरत यादव की खबर 

Share On:-

छतरपुर। पिछले लगभग 15 दिनों से छतरपुर जिले के भीतर सहकारी संस्थाओं में चल रहे कथित घोटाले के समाचार सामने आ रहे हैं। कांग्रेस की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष के पति हरिओम अग्रिहोत्री की डिकोली सहकारी संस्था पर करोड़ों के घोटाले के आरोप लगाए गए। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि हरिओम अग्रिहोत्री ने संस्था के सहायक समिति प्रबंधक रहते हुए अपने परिवार के लोगों को केसीसी का लाभ दिलाया। इतना ही नहीं उनके कार्यकाल में किसान ऋण माफी योजना के तहत भी लगभग तीन करोड़ रूपए का घोटाला किया गया। 


जब इन आरोपों की पड़ताल की गई तो बड़ामलहरा सहकारी बैंक के मैनेजर ने गबन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। बैंक मैनेजर प्रदीप दुबे ने कहा कि उनकी बैंक शाखा के अधीन आने वाली सहकारी समिति डिकोली में किसी भी तरह का ब्याज ऋण माफी के अंतर्गत गबन हुआ ही नहीं है। उन्होंने बताया कि जिस 2 करोड़ 97 लाख रूपए की राशि को किसानों की ब्याज ऋण माफी के नाम पर हड़पा हुआ बताया गया वह राशि किसी के द्वारा हड़पी नही गई थी जांच में केवल यह राशि अपात्र पाई गई थी वह राशि बैंक मुख्यालय को वापिस कर दी गई। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के पति के द्वारा अपने चहेतों को भी नियम विरूद्ध कोई लाभ नहीं दिया गया। इस शिकायत की जांच में यह बात साबित हो चुकी है। मैं जांच समिति का सदस्य नहीं था विस्तृत जानकारी के लिए आप वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करे। बहरहाल यह मामला पूरे तरीके से राजनैतिक सड़यंत्र नजर आ रहा है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE