छिंदवाड़ा। जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार पर अनुसूचित जाति (ैब्) का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने और जीतने का आरोप सामने आया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। गृह विभाग ने भी कलेक्टर को इस संबंध में औपचारिक आदेश भेजा है।
16 अप्रैल को हुई थी शिकायत
ये मामला तब सामने आया जब नन्हेराम गोहिया समेत अन्य शिकायतकर्ताओं ने 16 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री कार्यालय को एक लिखित शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि संजय पुन्हार ने अनुसूचित जाति का कूटरचित प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर जिला पंचायत की आरक्षित सीट से चुनाव लड़ा और जीता।
पंचायत विभाग को मिली जांच की जिम्मेदारी
सीएमओ ने शिकायत की गंभीरता को समझते हुए तत्काल पंचायत विभाग को जांच सौंपी और स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
गृह विभाग ने कलेक्टर को भेजा आदेश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गृह विभाग ने उप सचिव डॉ. इक्षित गढ़पाले द्वारा छिंदवाड़ा कलेक्टर को पत्र जारी कर जांच प्रक्रिया सुनिश्चित करने और रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अगर जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाया जाता है तो संजय पुन्हार की जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सदस्यता रद्द हो सकती है और चुनाव निरस्त किया जा सकता है।
पुन्हार का जवाब दृ “मुझे कोई आदेश नहीं मिला, हाईकोर्ट जाऊंगा”
इस पूरे मामले में संजय पुन्हार ने सफाई दी है। उनका कहना है कि उन्हें इस विषय में कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। अगर ऐसी कोई कार्रवाई होती है, तो वे हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। फिलहाल वे अपने पद पर बने हुए हैं।