नीमच। शासकीय मेडिकल कॉलेज, नीमच से संबद्ध अस्थिरोग विभाग ने 5 जून 2025 को अपनी स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने पर स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया। एक वर्ष पूर्व इसी दिन, 5 जून 2024 को, विजयराजे सिंधिया जिला चिकित्सालय (वीरेन्द्र कुमार सकलेचा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध) में अस्थिरोग विभाग की शुरुआत की गई थी। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष एवं असिस्टेंट मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. पुनीत कुमार आचार्य ने ओपीडी में मरीजों को देखना प्रारंभ किया था।
धीरे-धीरे अन्य चिकित्सकों के जुड़ने के साथ विभाग का विस्तार हुआ। 23 जून 2024 से मरीजों को भर्ती करना प्रारंभ किया गया तथा अस्थिरोग वार्ड की स्थापना की गई। 24 जून को विभाग द्वारा पहला ऑपरेशन थियेटर केस किया गया था। इस एक वर्ष की अवधि में विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
विभाग द्वारा अब तक लगभग 15,000 मरीजों का उपचार किया जा चुका है, जिसमें से 750 से अधिक मरीजों को भर्ती कर इलाज प्रदान किया गया। 3,000 से अधिक मरीजों का उपचार प्लास्टर, माइनर सर्जरी एवं अन्य ऑर्थाेपेडिक प्रक्रियाओं के माध्यम से किया गया, वहीं 150 से अधिक मेजर सर्जरी की गईं, जिनमें कॉम्प्लेक्स ट्रॉमा सर्जरी और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट जैसी अत्याधुनिक व जटिल सर्जरी शामिल हैं।
वर्तमान में विभाग में डॉ. पुनीत कुमार आचार्य के साथ-साथ डॉ. रवि दिवाकर, डॉ. मनीष पाटीदार, डॉ. दिव्यम पाण्डे एवं डॉ. शिववीर सिंह कार्यरत हैं।
स्थापना दिवस कार्यक्रम में डीन डॉ. आदित्य बेराड़, विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत कुमार आचार्य, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संगीता भारती, आरएमओ डॉ. मनीष यादव, डॉ. रवि दिवाकर सहित कई अन्य चिकित्सक एवं स्टाफ उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत कुमार आचार्य ने कहा कि, ष्सीमित संसाधनों के बावजूद इतने अधिक मरीजों को लाभ पहुंचाना विभाग एवं संस्था दोनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हमारी टीम ने इस एक वर्ष में कई जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की हैं, जिसमें मिनिमल इनवेसिव तकनीकों द्वारा ट्रॉमा और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी भी शामिल हैं।
स्थानीय जनता को अस्थिरोग विभाग की स्थापना से बड़ा लाभ प्राप्त हुआ है, जिससे नीमच एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को अब उन्नत चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो रही हैं।