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June 12, 2025, 11:26 am
BIG NEWS : मध्यप्रदेश में प्रतिबंध के बावजूद नीमच मंडी में जारी है ये बड़ा खेल, आज भी मुनाफे के चक्कर में आमने-सामने हुए आढ़तिये, गाली-गलौच तक पहुंची नौबत तो मच गई अफरा-तफरी, पढ़े खबर 

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नीमच। प्रदेश सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में आढ़त प्रथा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए जाने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नीमच जिले की कृषि उपज मंडियों में यह व्यवस्था अब भी बेधड़क जारी है। खासकर नीमच की कृषि उपज मंडी चंगेरा में आढ़त प्रथा खुलेआम फल-फूल रही है, जिससे ना केवल शासन के आदेशों की अवहेलना हो रही है, बल्कि किसानों और व्यापारियों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

ताजा मामला आज गुरूवार को चंगेरा मंडी में उस समय सामने आया जब लहसुन की एक बड़ी खेप की बोली के दौरान दो आढ़तियों के बीच तेज बहस और गाली-गलौच तक की नौबत आ गई। दोनों ही आढ़ती उस खेप को अपने माध्यम से बेचना चाहते थे। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मंडी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को धमकियां भी दीं, जिससे किसानों और उपस्थित व्यापारियों में भी असहजता फैल गई।

जब इस बारे में मंडी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से सवाल किए गए तो उनका स्पष्ट कहना था कि प्रदेश में आढ़त प्रथा पूर्णतः प्रतिबंधित है और इसका पालन किया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है।

सूत्रों की मानें तो नीमच मंडी में बड़ी संख्या में व्यापारी आज भी आढ़तियों के माध्यम से ही खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण यह है कि व्यापारी वर्ग को आढ़त व्यवस्था के जरिए 1 प्रतिशत तक का अतिरिक्त लाभ मिल जाता है, जो सीधा लेनदेन करने की स्थिति में संभव नहीं होता।

किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने मंडियों को बिचौलियों और दलालों से मुक्त करने के उद्देश्य से आढ़त प्रथा को बंद किया था। परंतु नीमच मंडी में प्रशासन की अनदेखी और मिलीभगत के चलते यह व्यवस्था आज भी उसी तरह संचालित हो रही है, जैसे पहले हुआ करती थी।

अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब शासन स्तर पर आढ़त पर रोक है, तो नीमच मंडी में यह क्यों और कैसे चालू है? क्या जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई करेंगे या यह व्यवस्था यूं ही चलती रहेगी?

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