नीमच। शहर की कृषि उपज मंडी में सोमवार को अचानक बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की परेशानियां और बढ़ा दीं। दोपहर के समय आई तेज बारिश से मंडी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। शेड की कमी के कारण खुले में पड़ी उपज भीग गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। बारिश के चलते मैथी, धनिया, अजवाइन, इसबगोल जैसी कीमती फसलों के ढेर भीग गए। खुले में रखी उपज को बचाने के लिए किसान और मजदूर भागदौड़ करते नजर आए, लेकिन तब तक अधिकांश अनाज पानी में भीग चुका था।
व्यापारियों के पास शेड, किसान खुले में-
किसानों का आरोप है कि मंडी समिति द्वारा उपलब्ध शेडों पर व्यापारियों का कब्जा रहता है। इससे मजबूरन किसानों को अपनी उपज खुले मैदान में ढेर करनी पड़ती है। कई बार किसानों ने मंडी समिति और जिला प्रशासन से इस विषय में लिखित व मौखिक शिकायतें भी की हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
जल्द ही मानसून की दस्तक, बढ़ सकती है परेशानी
स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार आगामी सप्ताह में मानसून के जिले में प्रवेश की संभावना है। ऐसे में यदि मंडी में शेड की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पहले से ही लागत और फसल के उचित मूल्य को लेकर परेशान किसान अब मौसम की मार से भी जूझ रहे हैं।
मंडी समिति से मांग, व्यवस्था में हो तत्काल सुधार-
किसानों ने मांग की है कि मंडी परिसर में जो पक्के शेड बने हुए है, उनमें हमेशा व्यापारियों का ही माल रखा होता है। मजबूरन हमें खुले परिसर में उपज का ढेर लगाना पड़ता है। स्थानीय कृषक घनश्याम पटेल ने बताया कि हर साल यही समस्या होती है, हम कई बार अधिकारियों को बता चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। आज भी हजारों की उपज खराब हो गई। मानसून आने वाला है, अगर अभी से इंतजाम नहीं हुए तो नुकसान और भी बढ़ेगा।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से उम्मीद
अब किसानों की निगाहें मंडी समिति, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर समस्या का जल्द निराकरण करें और कृषि उपज को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करें।