चीताखेड़ा। ग्राम पंचायत चीताखेड़ा में जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। वरिष्ठ समाजसेवी भगत मागरिया ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों का ध्यान जनसमस्याओं के समाधान की बजाय बार-बार सचिव बदलने तक ही सीमित रह गया है। उन्होंने कहा कि तीन साल बीत जाने के बाद भी ग्राम पंचायत में जनहित के नाम पर कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं हुआ है। कुछ गिनी-चुनी सड़कों के निर्माण को ही उपलब्धि बताकर प्रचार किया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि कई कॉलोनियों और मोहल्लों में नालियों, सड़कों और प्रकाश की मूलभूत सुविधाएं भी नदारद हैं।
कालोनियों में कीचड़, बदबू और अंधेरा
हायर सेकेंडरी स्कूल के पीछे स्थित कालोनी की हालत अत्यंत दयनीय है। यहां शासकीय उचित मूल्य दुकान तक पहुंचने वाले मार्ग में घुटनों तक कीचड़ और जलभराव रहता है, जिससे हितग्राहियों और स्थानीय रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गांव की कई गलियों में स्ट्रीट लाइट के खंभे हैं, परंतु बल्ब और वेपरलैंप नहीं लगे हैं, जिससे शाम ढलते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। कई जगहों पर तो लोग मोबाइल की रोशनी से रास्ता तय करने को मजबूर हैं।
जनप्रतिनिधियों पर तानाशाही रवैये का आरोप
पंचायत प्रतिनिधियों पर तानाशाही और संवादहीनता के आरोप भी लगे हैं। कुछ पंचों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरपंच तो हमारी बात सुनते हैं, लेकिन उनके प्रतिनिधि अत्यधिक अकड़ू स्वभाव के हैं और किसी की बात नहीं सुनते।
प्रशासन भी मौन
ग्रामीणों का कहना है कि चाहे जनपद हो या जिला पंचायत कार्यालय, कोई भी अधिकारी पंचायत की कार्यशैली पर निगरानी नहीं रख रहा। बारिश के कारण गांव के आम रास्तों में कीचड़ और गंदगी का अंबार लगा है। कई गलियों में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
जनता की आवाज:
दशरथ माली, कालोनीवासी –
"तीन साल से पंचायत को इस मार्ग की समस्या से अवगत करवा रहा हूं, पर आज तक समाधान नहीं हुआ। पंचायत को चाहिए कि वह ईमानदारी से अपने दायित्व निभाए।"
बसंत कुंवर रामसिंह सिसोदिया, वार्ड पंच –
"वार्ड क्रमांक दो में शासकीय उचित मूल्य दुकान वाले मार्ग के सीसी रोड निर्माण हेतु प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। सचिव के स्थानांतरण के कारण कार्य में विलंब हुआ है, नए सचिव आ चुके हैं, जल्द कार्य शुरू होगा।"
विकास प्रजापत, उपसरपंच –
"मैंने भी इस मार्ग को लेकर आवाज उठाई है और प्रस्ताव पंचायत में रखा है। हितग्राहियों को हो रही परेशानी को गंभीरता से लिया गया है।"
घनश्याम बोराना, सचिव –
"मैं हाल ही में इस पंचायत में पदस्थ हुआ हूं। सरपंच जी से चर्चा कर शीघ्र ही आवश्यक कार्य शुरू करवाए जाएंगे।"