चित्तौड़गढ़। राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चित्तौड़गढ़ के तत्वावधान में न्यायालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश मानसिंह चुण्डावत ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव योगिता पारीक ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर एवं पौधों के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना था। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रकार के छायादार एवं फलदार पौधे लगाए।
पौधों की देखभाल का लिया संकल्प-
पौधारोपण के साथ सभी उपस्थित लोगों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लिया। सचिव योगिता पारीक ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल देश की आजादी का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को निभाने का अवसर भी है। पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। अधिक से अधिक पौधे लगाकर और उनकी देखभाल कर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से पौधारोपण के साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
न्यायिक अधिकारी एवं अधिवक्ता रहे मौजूद-
कार्यक्रम में विशिष्ट न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट क्रम संख्या-02 शहनाज परवीन, विशिष्ट न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट देवेन्द्र सिंह पंवार, एडीजे-01 शरद कुमार व्यास, एडीजे-02 राजेश कुमार मीना, एडीजे-03 ब्रह्मानंद शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज कुमार काबरा, एसीजेएम क्रम संख्या-01 अंशुमन सिंह खंगारौत, एसीजेएम क्रम संख्या-02 अंकिता चन्द्रावत, न्यायिक मजिस्ट्रेट एनआई एक्ट मेघना यादव, न्यायिक अधिकारी ग्राम न्यायालय वीणा सुवालका, न्यायिक मजिस्ट्रेट तमन्ना कुमारी, अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश बजाड़, बार अध्यक्ष नरेश शर्मा, सचिव लोकेन्द्र सिंह राणावत सहित पैनल अधिवक्ता, पीएलवी, न्यायिक कर्मचारी, होमगार्ड एवं अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।