चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (उच्चतम न्यायालय) नई दिल्ली, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, (उच्च न्यायालय) जयपुर एवं महेन्द्र सिंह सिसोदिया अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश), चित्तौड़गढ़ के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2025 से 30 सितम्बर 2025 तक (90 दिवसीय) मीडिएशन फॉर द नेशन मध्यस्थता अभियान चलाया जा रहा है।
सुनील कुमार गोयल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) चित्तौड़गढ़ ने बताया कि इस इस अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्रता से निस्तारित करना है। उक्त प्रकरणों में वैवाहिक विवाद, चैक अनादरण, राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, दुर्घटना दावा, वाणिज्यिक विवाद, उपभोक्ता विवाद, घरेलु हिंसा, सेवा संबंधी प्रकरण, ऋण वसूली, विभाजन से संबंधित प्रकरण, बेदखली, भूमि अधिग्रहण, श्रम कानून संबंधित प्रकरण एवं अन्य उपयुक्त प्रकरण शामिल हैं।
अभियान के तहत् जिले का कोई भी नागरिक जो कि अपने लंबित प्रकरण को मध्यस्थता से हल करवाने का इच्छुक है वह इस आशय का प्रार्थना पत्र संबंधित न्यायालय अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ में प्रस्तुत कर सकता है। संबंधित न्यायालय द्वारा न्यायिक विवेक के अनुसार उक्त प्रकरण को मध्यस्थता के लिए रैफर कर सम्पादित किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क, भरोसेमंद एवं गोपनीय है। ”सभी की जीत, किसी की हार नहीं“ ध्येय वाक्य को सार्थक करते हुए इस अभियान के तहत आज कुल 03 प्रकरणों पारिवारिक प्रकरण, एन.आई. प्रकरण एवं जनउपयोगी प्रकरण को मध्यस्थता के माध्यम से समझाईश की जाकर सफल कर निस्तारित किया गया है।
इसके अतिरिक्त प्राधिकरण के फ्रंट ऑफिस में भी सचिव गोयल एवं पैनल अधिवक्ता भारती गहलोत द्वारा समझाईश के माध्यम से पति-पत्नी के मध्य उत्पन्न पारिवारिक विवाद का निस्तारण किया गया।