मंदसौर। स्टॉप डायरिया अभियान और सह-दस्तक अभियान (22 जुलाई 2025 से 16 सितंबर 2025) की तैयारियों को लेकर सुशासन भवन मंदसौर में जिला टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर अदिति गर्ग ने की, जिसमें कुपोषण मुक्ति, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और दस्तक अभियान के सफल क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में सहयोगी विभागों से प्राप्त अपेक्षाओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया, साथ ही स्वास्थ्य विभाग को दस्तक अभियान के तहत आवंटित लक्ष्यों की विकासखंडवार समीक्षा भी की गई।
कलेक्टर गर्ग ने दस्तक अभियान के सभी सूचकांकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि कोई भी बच्चा स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की बेड आक्यूपेंसी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। समस्त सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) को निर्देशित किया गया कि वे प्रतिदिन प्रत्येक पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती होने वाले और छुट्टी पाने वाले बच्चों के आधार पर 15 बच्चों की वेटिंग लिस्ट तैयार रखें। यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में एक भी बिस्तर खाली न रहे, ताकि कुपोषित बच्चों को तत्काल उपचार मिल सके। इसके अतिरिक्त, समस्त ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को निर्देश दिए गए कि आगामी e PMSMA दिवस दिनांक 25 जुलाई और 9 अगस्त 2025 को प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम एक जांच चिकित्सक द्वारा सुनिश्चित की जाए, ताकि गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं का समय पर पता लगाया जा सके। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि दस्तक अभियान का सघन सुपरविजन और मॉनिटरिंग सभी विभागों के जिला एवं ब्लॉक अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से किया जाए, ताकि अभियान की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुकूल जैन, अपर कलेक्टर एकता जायसवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीएस चौहान, सिविल सर्जन डॉ. बीएल रावत, जिला कार्यक्रम प्रबंधक निलेश गर्ग, सहित स्वास्थ्य विभाग के समस्त जिला एवं ब्लॉक अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक जिले में मातृ-शिशु स्वास्थ्य और कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अभियान की सफलता के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।