इंदौर। मध्य प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के उम्मीदवारों को एमपीपीएससी में मिलने वाली 5 साल की उम्र में छूट की सुविधा वापस ले ली है। अब ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी की तरह अधिकतम 40 वर्ष की उम्र तक ही आवेदन करने की अनुमति होगी। यह निर्णय मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया है। आयोग की ओर से सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है, जिसमें साफ लिखा है कि यह बदलाव तुरंत लागू होगा और उन सभी भर्ती परीक्षाओं पर असर डालेगा जो वर्तमान में चल रही हैं।
2022 से मिल रही थी 45 साल तक की छूट
पिछले कुछ वर्षों से एमपीपीएससी में ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को एससी/एसटी और ओबीसी वर्ग की तरह 45 साल तक की आयु सीमा में छूट दी जा रही थी। लेकिन अब यह छूट पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। आयोग ने कहा है कि 1 जनवरी 2025 की स्थिति में 40 वर्ष से अधिक आयु वाले ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थी अब एमपीपीएससी की आगामी परीक्षाओं के लिए योग्य नहीं माने जाएंगे।
चयनित उम्मीदवारों की नियुक्तियों पर संकट
इस आदेश के बाद उन अभ्यर्थियों की नियुक्तियों पर भी सवाल उठने लगे हैं, जो पिछले वर्षों में इसी छूट के आधार पर चयनित हुए थे। आयोग को अब ऐसे मामलों की समीक्षा कर फैसले लेने पड़ सकते हैं। इससे कई उम्मीदवारों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है।
अभ्यर्थियों में गुस्सा और असमंजस
फैसले के बाद प्रदेशभरमें एमपीपीएससी में ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों में गहरा रोष है। उनका कहना है कि उम्र सीमा जैसे अहम नियमों में बदलाव करने से पहले पूर्व सूचना दी जानी चाहिए थी। बिना पूर्व तैयारी के इस तरह का फैसला, वर्षों से मेहनत कर रहे युवाओं के लिए भारी नुकसान है। उम्मीदवार अब आयोग से मांग कर रहे हैं कि वह पहले से चयनित युवाओं की नियुक्तियों को सुरक्षित रखने को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे ताकि उनके भविष्य पर संकट न खड़ा हो।