नीमच। जिले के जावद में मोहर्रम पर्व के दौरान पुलिस के अधिकारियों और थाना प्रभारी पर बदसलूकी और अपमानित करने का आरोप लगा है। खैरादियान अखाड़ा कमेटी के सदर सैय्यद बशीर पहलवान ने इस संबंध में एसपी को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।बशीर पहलवान के अनुसार 4 जुलाई को हुई शांति समिति की बैठक में खैरादियान मोहर्रम के आगे खैरादियान अखाड़ा निकलने पर सहमति बन गई थी। इसके बाद दोनों अखाड़ों के पांच-पांच सदस्यों को बाउंड पर हस्ताक्षर करने के लिए तहसील कार्यालय बुलाया गया। 5 जुलाई को बाउंड पर हस्ताक्षर करने के बाद जब वे पुलिस थाने पहुंचे, तो उन्हें बिना किसी कारण के घंटों तक रोक कर रखा गया और उनके मोबाइल फोन ले लिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि शाम को एसडीएम और एसडीओपी के सामने मौला अली अखाड़े के लोगों और कुछ ताजिएदारों ने गलत जानकारी दी, जिससे खैरादियान अखाड़े को लिखित अनुमति नहीं मिली।बशीर पहलवान का दावा है कि पुलिस रिकॉर्ड में खैरादियान अखाड़ा ही मोहर्रम के आगे निकलता रहा है, और उन्होंने 2019 से 2024 तक की अनुमति की प्रतियां भी प्रस्तुत की हैं।पूर्व पार्षद, समाज सेवक और विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर रहे बशीर पहलवान ने कहा कि इतनी गरिमापूर्ण पृष्ठभूमि के बावजूद उनके साथ बदसलूकी की गई, उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल किया गया और जेल भेजने तक की धमकी दी गई।उन्होंने लिखित अनुमति न मिलने के बावजूद बाउंड भरवाए जाने पर भी सवाल उठाया है। बशीर पहलवान ने पूरे मामले की गहन जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।