नीमच। जिले के डिकेन गांव में रहने वाली भील महिलाओं ने जिला कलेक्टर के सामने जनसुनवाई में एक मार्मिक अपील की है। वरजू बाई और अन्य आदिवासी महिलाओं का का दावा है कि वह पिछले कई दशकों से एक कृषि भूमि पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, लेकिन अब भू-माफियाओं की नजर उनकी जमीन पर पड़ गई है। उन्होंने कलेक्टर से अपनी कब्ज़े वाली भूमि पर व्यवस्थापन या पट्टा जारी करने की गुहार लगाई है। महिला वरजू के अनुसार, वह और उनका परिवार डिकेन गांव में ही रहते हैं और उनकी आजीविका इसी कृषि भूमि पर निर्भर है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में उन्होंने उस जमीन पर तिल की फसल बो रखी है। उनका कहना है कि इतने सालों से वे बिना किसी बाधा के इस जमीन पर खेती कर रहे थे, लेकिन हाल ही में जमीन की बढ़ती कीमतों और गांव के करीब होने के कारण भूमि दलालों की सक्रियता बढ़ गई है। ये दलाल इन महिलाओं को यह कहकर डरा रहे हैं कि उन्होंने जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है और वे पटवारी से मिलकर इसे खाली करवा देंगे।दलालों की इन धमकियों से आदिवासी महिलाएं और उनके परिवार दहशत में है। उन्हें डर है कि अगर उनकी जमीन छीन ली गई, तो उनके परिवार के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाएगी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए महिलाओं ने आज कलेक्टर से आग्रह किया है कि वे पटवारी और तहसीलदार से उनके कब्जे से संबंधित रिपोर्ट मंगवाकर जल्द से जल्द उनके नाम पर इस कृषि भूमि का व्यवस्थापन या पट्टा जारी करने का आदेश दें।