BREAKING NEWS
KHABAR : नयागांव में हर्षाेल्लास से मनाया.. <<     VIDEO NEWS: तिरंगे की शान, जवानों का शौर्य और बच्चों.. <<     VIDEO NEWS: तिरंगे से सजे वाहन, युवाओं का जोश और भारत.. <<     BIG REPORT : हाथों में तिरंगा, दिलों में देशभक्ति..,.. <<     कालापीपल के भैसागढ़ा में धूमधाम से मना 80वां.. <<     KHABAR : स्वतंत्रता दिवस पर नीमच विधायक दिलीप.. <<     NEWS : आजादी के पर्व पर हरियाली का संकल्प,.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ जिला कांग्रेस कार्यालय में.. <<     NEWS : नगरीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के.. <<     KHABAR : तिरंगे संग निकले नन्हे देशभक्त, भाटखेड़ी.. <<     NEWS : वंडर सीमेंट लि. के पाटनी पब्लिक स्कूल में.. <<     KHABAR : समाजसेवी अंबालाल पाटीदार ने स्कूल में.. <<     KHABAR : भारत माता के जयघोष से गूंजा शहर, नीमच में.. <<     कसरावद में हर्षोल्लास से मना 80वां स्वतंत्रता.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
July 16, 2025, 5:38 pm
KHABAR : एमप के पैरामेडिकल कॉलेज की मान्यता प्रक्रिया पर रोक, हाईकोर्ट ने दिया आदेश, बैकडेट में दी जा रही थी 2023 सत्र की मान्यता, पढे़ खबर

Share On:-

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता को लेकर सुनवाई करते हुए बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने उन कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया पर रोक लगा दी है, जो बिना नियमों के मान्यता दे रहे थे। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मध्यप्रदेश में जितने भी पैरामेडिकल कॉलेज हैं, उनकी मान्यता प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगाई जाती है।


याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि कॉलेजों को सत्र 2023 की मान्यता बैकडेट में दी जा रही थी। इसके अलावा, मेडिकल यूनिवर्सिटी में एनरोलमेंट के बिना ही छात्रों को दाखिले दिए जा रहे थे।


नर्सिंग की तरह पैरामेडिकल कोर्स में भी फर्जीवाड़ा
इस मामले की सुनवाई नर्सिंग घोटाले से जुड़ी जनहित याचिका के दौरान हुई। लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में एक अतिरिक्त आवेदन पेश किया, जिसमें बताया गया कि नर्सिंग की तरह ही पैरामेडिकल कोर्स में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है।


आवेदन में बताया गया कि एमपी पैरामेडिकल काउंसिल ने 2023-24 और 2024-25 सत्र की मान्यता बिना किसी जांच या निरीक्षण के बांट दी।


बिना संबद्धता के अवैध दाखिले, सीबीआई की रिपोर्ट को भी किया नजरअंदाज
यह भी आरोप लगाया गया कि कई सरकारी और निजी पैरामेडिकल कॉलेज बिना यूनिवर्सिटी की संबद्धता के अवैध रूप से छात्रों को एडमिशन दे रहे हैं। जिन कॉलेजों को नर्सिंग घोटाले की जांच में सीबीआई ने ष्अनसूटेबलष् बताया था, उन्हीं इमारतों में अब पैरामेडिकल कॉलेज चलाए जा रहे हैं और उन्हें मान्यता दी जा रही है।


नई जनहित याचिका दर्ज करने के निर्देश दिए थे
हाईकोर्ट ने इस गंभीर मामले को स्वतः संज्ञान में लेते हुए शुक्रवार को निर्देश दिए थे कि याचिकाकर्ता का नया आवेदन अलग जनहित याचिका (जनहित याचिका) के रूप में पंजीबद्ध किया जाए। साथ ही, मध्यप्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल के चेयरमैन और रजिस्ट्रार को भी इस मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए गए हैं।


अगली सुनवाई 24 जुलाई को
हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश के पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता और एडमिशन प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई की तारीख 24 जुलाई तय की है। इस दिन सभी नर्सिंग घोटालों से जुड़ी याचिकाओं पर भी सुनवाई होगी। बता दें, मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ला पैरामेडिकल काउंसिल के पदेन चेयरमैन हैं।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE