नीमच। जिले के जावद में शाहरुख और नाजिया खान के घरेलू विवाद ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। शाहरुख द्वारा अपनी पत्नी नाजिया पर दूध में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाने के आरोप के बाद, नाजिया ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए झूठी फंसाने की कोशिश और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। नाजिया खान ने राष्ट्रपति, गृहमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग सहित कई उच्चाधिकारियों को शिकायत पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। इसी सिलसिले में आज नीमच पुलिस अधीक्षक को भी पत्र सोपा गया।
उनका आरोप है कि ससुराल पक्ष और जावद पुलिस मिलकर उन्हें झूठे आरोपों में फंसाकर जबरन तलाक लेने का दबाव बना रहे हैं। नाजिया का कहना है कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, सामाजिक छवि को भी नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
नाजिया का कहना है कि उनकी शादी शाहरुख से करीब सात साल पहले हुई थी और उनकी एक साढ़े तीन साल की बेटी भी है। ससुराल वाले लगातार उसपर शाहरुख से तलाक लेने का दबाव बनाते रहे हैं। दो महीने पहले नाजिया ने पुलिस में प्रताड़ना की शिकायत भी दर्ज करवाई थी।सबसे चौंकाने वाला आरोप 15 जुलाई 2025 को दर्ज की गई उस रिपोर्ट पर है, जिसमें शाहरुख ने नाजिया पर ज़हर देने का आरोप लगाया था। नाजिया का कहना है कि यह रिपोर्ट पूरी तरह झूठी है और यदि ऐसा हुआ होता तो शाहरुख की हालत गंभीर होती, जबकि वह कुछ ही देर में सामान्य रूप से घूमते दिखे। नाजिया ने जावद पुलिस पर भी सवाल उठाए हैं, क्योंकि उन्हें बिना किसी ठोस सबूत नियम के विरुद्ध थाने में बिठाए रखा गया। नाजिया ने स्पष्ट कर दिया है कि वह तलाक नहीं चाहतीं और पति-पत्नी के रूप में ही साथ रहना चाहती हैं।अब नाजिया ने उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और जावद थाना प्रभारी को ससुराल पक्ष के दबाव में कार्रवाई करने से रोकने की मांग की है। उसने अपनी और अपनी बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी गुहार लगाई है।