शाजापुर। जिले के कालापीपल में अमृत योजना 2.0 के तहत तालाब रिपेयर कार्य 35 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है। लेकिन इस कार्य में भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है कलेक्टर ऋजु बाफना ने पिछले दिनों तालाब का निरीक्षण किया था और कार्य में पाई गई कमी को देखकर काफी नाराजगी व्यक्त की थी। कलेक्टर ने ठेकेदार का पेमेंट रोकने के निर्देश दिए थे और तालाब निर्माण कार्य में पाई गई कमी की जांच के लिए टीम गठित किए जाने के निर्देश भी दिए थे। मौके पर जाकर देखा तो इस तालाब में पिचिंग के लिए डाले गए बीम में मिट्टी का उपयोग किया गया था जो कि हाथ से निकल रहा था। इस भारी भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए सीमेंट घोलकर बीम पर डाल दी गई ताकि यह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका काम किसी को ना दिखे। पिचिंग की ऊंचाई भी पर्याप्त नहीं ली गई जिससे कि तालाब की दीवार मजबूत नहीं है ।वही संबंध में नगर परिषद पानखेड़ी कालापीपल के मुख्य नगर पालिका अधिकारी बी एल पुरबिया ने कहा कि कलेक्टर का भ्रमण के दौरान नगर परिषद पानखेड़ी अंतर्गत अमृत योजना 2.0 के तहत तालाब का रिपेयरिंग वाटर रिजवेशन था उसका भी अवलोकन किया गया उनके द्वारा भ्रमण के दौरान जो कमियां देखी उन कमियों की पूर्ति की जा रही है। इस पूरे भ्रष्टाचार के मामले में जब कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी से बात हुई तो उनका कहना हैं कि मुझे भी जानकारी लगी है कलेक्टर ने भी निरीक्षण किया था सरकार का पैसा ठीक जगह लगे इसके लिए अधिकारी से मैं बात करूंगा। वास्तव में जो सरकार का पैसा है ठीक जगह पर लगे उसका परिणाम ठीक आए ,जनता के हित में आए यह हमारा प्रयास रहता है।यदि गुणवत्ता में कमी देखने को मिली है तो उसका कलेक्टर ने भी पेमेंट रोकने की बात कही है। में भी सीएमओ से बात करके अगर गलत काम किया है तो सख्त से सख्त कार्यवाही करने का बोलूंगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्यवाही करता है और भ्रष्टाचार के दोषियों को कितनी सजा मिलती है। जनता को उम्मीद है कि सरकार का पैसा ठीक जगह पर लगेगा और कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगा।