आगर मालवा। नगर परिषद सुसनेर के सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार सुबह से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि वे बीते लंबे समय से वेतन विसंगति, नियमितीकरण और सेवानिवृत्त लाभ जैसी समस्याओं को लेकर अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे, लेकिन बार-बार निवेदन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसीलिए उन्होंने अब काम बंद कर हड़ताल का रास्ता चुना है।
कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें सम्मानजनक वेतन दिया जाए, दैनिक वेतनभोगियों को तय मानदेय के अनुसार बढ़ा हुआ वेतन मिले और सेवा निवृत्ति के बाद उन्हें एकमुश्त भुगतान किया जाए।
कर्मचारियों का कहना है कि नगर परिषद में वर्षों से काम कर रहे कई सफाईकर्मी न्यूनतम वेतन तक से वंचित हैं।
हड़ताल में शामिल सफाईकर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उन्हें धमकाकर हड़ताल से हटाने का दबाव बनाया जा रहा है।
महादलित परिसंघ के जिलाध्यक्ष दिलीप कलोसिया ने बताया कि उन्होंने इस आंदोलन से पहले नगर परिषद के सीएमओ ओपी नागर और एसडीएम सर्वेश यादव को ज्ञापन देकर अवगत कराया था, लेकिन किसी ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया।
अब जब कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं, तो नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। वार्डों में कचरे के ढेर लग गए हैं और नागरिकों को बदबू, गंदगी और मच्छरों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने कहा है कि वे तब तक डटे रहेंगे जब तक उनकी सभी मांगों को लिखित रूप से स्वीकार नहीं किया जाता। उनकी बातों में रोष और दृढ़ संकल्प साफ नजर आ रहा है।
इधर नगर परिषद के सीएमओ ओम प्रकाश नागर का कहना है कि कर्मचारियों से चर्चा की जा रही है और उनकी मांगों को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि जल्द ही समाधान निकालकर सफाई व्यवस्था को बहाल किया जाए।