नीमच। जिले में स्टॉप डायरिया सह दस्तक अभियान 22 जुलाई से 16 सितंबर तक चलाया जाएगा। 45 दिन वर्किंग डे में यह अभियान चलेगा। इस बारे में आज डॉ बीएल सिसोदिया ने जिला आयुष कार्यालय सभागृह में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए विस्तृत जानकारी दी।
डॉक्टर सिसोदिया ने बताया कि अभियान के तहत 5 वर्ष तक के बच्चों का परीक्षण कर उनका स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएगी। अभियान का मूल उद्देश्य वर्तमान शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। बरसात में डायरिया ज्यादा होता है। डायरिया रोग से शिशु एवं बाल मृत्यु भी होती है। इसे रोकना हमारा खास मकसद है। उन्होंने कहा कि दस्त और निमोनिया के लिए कम्युनिटी अवेयरनेस बहुत जरूरी है। वर्तमान में टीकाकरण का स्तर 80 प्रतिशत है जिसे हम 95 प्रतिशत तक ले जाना चाहते हैं। पत्रकारों के सवाल के जवाब में डॉक्टर सिसोदिया ने कहा कि पौष्टिक आहार की अनुपलब्धता के कारण भी शिशुओं की मृत्यु हो जाती है। उन्होंने खास तौर पर कहा कि जन्म से लेकर 6 माह तक बच्चों को मां का दूध देना चाहिए, इसके बाद पूरक पोषण आहार दिया जाना चाहिए। बच्चों को इंफेक्शन से बचने के लिए उन्होंने हाथ धोने की प्रक्रिया के 6 स्टेप्स भी बताए। स्टॉप डायरिया दस्तक अभियान के तहत गंभीर कुपोषण एनीमिया, दस्त रोग,निमोनिया और अन्य बीमारियों की जांच की जाएगी। बीमार गंभीर कुपोषित बच्चे, गंभीर एनीमिक बच्चे, गंभीर निर्जलीकरण वाले प्रकरण, निमोनिया वाले प्रकरण, दो माह तक के बच्चों के संक्रमण आदि को उचित इलाज के लिए रेफर किया जाएगा। आयु अनुरूप विटामिन ए सिरप,आईएफए सिरप, दो ओआरएस पैकेट प्रति बच्चा, 14 जिंक टैबलेट प्रति बच्चा और आवश्यकता अनुसार अन्य औषधियां प्रदान की जाएगी। परामर्श प्रदर्शन और सामुदायिक प्रबंधन के बारे में अभियान के तहत जानकारी दी जाएगी।