मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने गौ तस्करी और गौ हत्या के बढ़ते मामलों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “गौ माता की हत्या करने वालों के हाथ काट देने चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कई अवैध कत्लखाने संचालित हो रहे हैं, जिनकी सूची उनके पास उपलब्ध है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य सरकार इनके विरुद्ध कार्रवाई करेगी?
बोरीवली विधानसभा से विधायक उपाध्याय ने 9 जून 2025 को बदलापुर थाना क्षेत्र में हुई गौ हत्या की घटना का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा गाय को राज्यमाता का दर्जा देने के बावजूद ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में आरोपी कैफ मंसूर शेख पर 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, फिर भी उसके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
विधायक उपाध्याय ने मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गई घोषणा की याद दिलाते हुए कहा कि बजट सत्र 2025 में मुख्यमंत्री ने गो-हत्या और गो-तस्करी के मामलों में मकोका (MCOCA) के तहत कार्रवाई की बात कही थी। उन्होंने सवाल किया कि फिर इस आरोपी पर मकोका क्यों नहीं लगाया गया? और कब तक इस पर मकोका लगेगा?
इस पर जवाब देते हुए राज्य मंत्री योगेश रामदास कदम ने बताया कि 2022 से 2025 तक 2,800 से अधिक गोहत्या व तस्करी के मामले दर्ज किए गए हैं और 4,600 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि 1,724 टन गोमांस जब्त किया गया है।
विधायक संजय उपाध्याय ने इन आंकड़ों के बावजूद सरकार की कार्रवाई को अपर्याप्त बताया और कहा कि यदि राज्य में गाय को राज्यमाता का दर्जा मिला है, तो फिर गोहत्या और तस्करी करने वालों को शासन-प्रशासन का भय क्यों नहीं लगता?
उन्होंने दोहराया कि उनके पास ऐसे अपराधियों की सूची है जो बार-बार इन मामलों में लिप्त पाए गए हैं, और इन पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।