अशोकनगर। माननीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमान अजयनील करौठिया द्वारा थाना मुंगावली के अप. क्र. 263/2021 के आरोपीगण राजेन्द्र अहिरवार पुत्र कोमल अहिरवार आयु 25 साल निवासी कलारी मोहल्ला वार्ड क्र.02 मुंगावली एवं करन अहिरवार पुत्र मथरा अहिरवार आयु 31 साल नि० भुजरिया तालाब मोहल्ला वार्ड नं. 05 मुंगावली जिला अशोकनगर को धारा 302, 34 भादवि का अपराध सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास एवं 5000-5000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
प्रकरण इस प्रकार है कि - दिनांक-09.08.2021 को अस्पताल मुंगावली से रामप्रसाद पुत्र धन्नालाल अहिरवार आयु 45 वर्ष, निवासी अस्पताल मुंगावली ने एक लेखीय तहरीर पेश की कि एक अज्ञात व्यक्ति मृत अवस्था में जनता के द्वारा लाया गया है जिसकी उम्र लगभग 27 वर्ष है। उक्त तहरीर पर से थाना मुंगावली में मर्ग क्रमांक 38/21 कायम कर मर्ग जांच में लिया गया।
मर्ग जांच के दौरान मृतक की मां कलियाबाई अहिरवार एवं भाई जगदीश अहिरवार एवं साक्षी जहीरउद्दीन के कथन लेख किये गये तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया एवं नजरी नक्शामौका साक्षी जहीरउद्दीन की निशादेही पर तैयार किया गया। मृतक की पी.एम. रिपोर्ट अनुसार मृतक की मृत्यु उसके सिर में आई चोट के कारण होना लेख किया गया।
उपरोक्त संपूर्ण जांच के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध थाना मुंगावली में अपराध क्रमांक 263/21 धारा 302 भा.द.सं. की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की जाकर मामला विवेचना में लिया गया। विवेचना उपरांत उक्त आरोपीगण के खिलाफ धारा 302, 34 भादवि का बखूबी सिद्ध पाये जाने से चालान कता कर आरोपीगण के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय मुंगावली में प्रस्तुत वस्तुत्त किया गया था।
अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर माननीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री अजयनील करौटिया द्वारा आरोपी राजेन्द्र अहिरवार पुत्र कोमल अहिरवार आयु 25 साल निवासी कलारी मोहल्ला वार्ड क्र.02 मुंगावली एवं करन अहिरवार पुत्र मथरा अहिरवार आयु 31 साल नि० भुजरिया तालाब मोहल्ला वार्ड नं. 05 मुंगावली जिला अशोकनगर को धारा 302,34 भादवि के अंतर्गत दोषी पाते हुए दिनांक 18-07-2025 को आजीवन कारावास एवं कुल 5000-5000 रूपये के जुर्माने से दण्डित कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
उक्त प्रकरण में अनुसंधानकर्ता अधिकारी तत्कालीन थाना प्रभारी प्रदीप सोनी, नोडल अधिकारी सउनि. राधाकृष्ण शर्मा, वर्तमान थाना प्रभारी मुंगावली उनि. जोगिन्दर सिंह यादव एवं कोर्ट मुंशी आर. निहाल सिंह के द्वारा प्रकरण के निराकरण करवाने में मुख्य भूमिका रही।