सरवानियां महाराज। शहर में शिक्षा के अधिकार अधिनियम का असर नज़र आने लगा है। अधिनियम के तहत 6 साल से लगाकर 18 साल तक के ड्रॉप आउट छात्रों को खोजनें डोर टू डोर पिछले गुरुवार से शिक्षक पहुंच रहे हैं, अभियान में मिलें ड्रॉप आउट छात्रों को सितंबर के पहले सप्ताह तक पुनः विद्यालयो में एडमिशन देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। संकुल केंद्र सरवानिया महाराज के अंतर्गत 6 साल से लगाकर 18 साल तक के ऐसे बच्चे जिन्होंने निचली कक्षाओं में तो अध्ययन किया और पास आउट कर या अनुत्तीर्ण होकर किसी कारणवश आगे की पढ़ाई से ड्रॉप आउट कर लिया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत अब शिक्षकों का दल घर-घर जाकर ड्रॉप आउट छात्रों की खोज कर उन्हें वापस शिक्षा से जोड़ने हेतु प्रयास कर रहे हैं ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित ना रहे। अभी तक संकुल केंद्र सरवानिया महाराज के नगर परिषद क्षेत्र में लगभग 10 से 12 बच्चे मिले हैं जिन्होंने पारिवारिक या अन्य कारणों के चलते शिक्षा से ड्रॉप आउट कर लिया उन्हें वापस शिक्षा से जोड़ने हेतु परिवारजनों को प्रेरीत कर शिक्षा की मूल धारा में लाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
नोडल अधिकारी एन .के नागदा के मुताबिक यह अभियान पुरे संकुल केंद्र में चलाया गया है जिसमें ड्रॉप आउट छात्रों को खोज कर वापस शिक्षा की मूल धारा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरवानियां में लगभग 10 से 12 ड्राप आउट छात्रों को चिन्हित किया गया है।