उज्जैन। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के द्वारा शनिवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभा कक्ष में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 के अंतर्गत विभिन्न विभागों के द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में उज्जैन विकास प्राधिकरण, स्मार्ट सिटी, जल संसाधन विभाग और नगर पालिका निगम के द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में सीवर लाइन के प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के इंजीनियर के द्वारा हर प्रोजेक्ट की साइट पर जाकर नियमित रूप से कार्य की मॉनिटरिंग की जाए।
अमृत फेस 1 और अमृत फेस 2 में जो वार्ड कवर हो चुके हैं उनके बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि ट्रंक में का काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में रेस्टोरेशन का काम चल रहा है। कलेक्टर सिंह ने कहा कि नगरपालिका निगम के जोन 6 और 7 में कार्य तेज गति से किया जाए । आईसी चेंबर पर भी काम अगले 10 दिनों में पूर्ण किया जाए। जो भी हाउस कनेक्शन बचे हुए हैं उन्हें पूरा किया जाए। पैरेलल टीमें बनाई जाए जो निर्माण कार्य में तेजी ला सके, साथ ही विभागों के द्वारा अपनी क्षमता में भी बढ़ोतरी की जाए। बैठक में अमृत फेस 2 की समीक्षा के दौरान कलेक्टर सिंह ने कहा कि टारगेट को बढ़ाकर जून 2027 तक इसे पूर्ण करने का काम किया जाए। सिंहस्थ मेला क्षेत्र में सीवरेज प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान डिस्चार्ज फ्लो के बारे में जानकारी दी गई।
अमृत फेस टू योजना में जल निकायों के कायाकल्प की समीक्षा के दौरान एक्सपर्ट की टीम बुलाकर इसकी कार्य योजना बनाई जाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्यों की साइट पर प्रतिदिन जाएं और उनकी प्रगति की फोटो सेंड करें। इसके पश्चात नगर निगम के द्वारा किए जा रहे हैं कार्यों की समीक्षा की गई। इसमें गाड़ी अड्डा से वीर दुर्गादास मार्ग तक चौड़ीकरण, वीडी क्लॉथ मार्केट से छोटी पुलिया तक मार्ग चौड़ीकरण, कोयला फाटक से गोपाल मंदिर मार्ग चौड़ीकरण की समीक्षा की गई। कलेक्टर सिंह ने कहा कि निर्माण कर्ता एजेंसी को ड्राइंग डिजाइन समय पर उपलब्ध कराई जाए। उक्त मार्ग बहुत महत्वपूर्ण है ।
समय सीमा में पूर्ण किया जाए। प्रतिदिन इसकी प्रगति की समीक्षा करें। ग्राम जीवन खेड़ी से सिकंदरी मार्ग डामरीकरण कार्य में भू अर्जन की समस्या को जल्दी निराकृत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में रीगल टॉकीज के कायाकल्प योजना की समीक्षा की गई। बताया गया कि वहां पर एक खुला क्षेत्र रहेगा धन और आसपास दुकानें बनाई जाना प्रस्तावित है।। कलेक्टर ने कहा कि ये दुकानें हेरिटेज के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जाए। बैठक में को सीईओ स्मार्ट सिटी संदीप सोनी, एसडीएम कृतिका भीमावद और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी गण मौजूद थे।