सीहोर। जिले में इस साल मानसून सक्रिय रहने के बावजूद किसानों की सोयाबीन की फसल खराब हो रही है। जिले में अब तक 449.7 एमएम (17.70 इंच) बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले साल की इसी अवधि में हुई 318.6 एमएम बारिश से अधिक है।
जानकारी के अनुसार, पिपरिया मीरा और आसपास के क्षेत्र में कई खेतों में फसल सूख रही है। किसान नेता एस मेवाड़ा ने बताया कि कचनारिया, संग्रामपुर, राम खेड़ी, चंदेरी और छापरी गांवों में सोयाबीन की फसल प्रभावित हुई है। बीज न उगने और कीटनाशक दवाओं के कारण फसल को नुकसान पहुंचा है।
कलेक्टर से मुआवजा और बीमा राशि दिलाने की मांग
प्रभावित किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने खराब फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा और बीमा राशि की मांग की है। किसान नेता मेवाड़ा ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं और अन्य कारणों से सोयाबीन की फसल को नुकसान हो रहा है।
तहसील से मुआवजे की राशि मिलती है। हालांकि, किसी भी गांव के किसानों को अब तक खराब हुई सोयाबीन फसल का बीमा भुगतान नहीं मिला है। सैकड़ों किसान हर साल फसल बीमा और मुआवजे की मांग करते हैं।