रतलाम। सहायक संचालक कृषि किसान कल्याण तथा कृषि विकास भीका वास्के ने बताया कि रतलाम जिले में 300710 हैक्टेयर में खरीफ फसल जैसे सोयाबीन, कपास, मक्का आदि प्रमुख फसलों की बुवाई हो गई है। वर्तमान में रतलाम जिले में 413.88 मिमी वर्षा हो चुकी है। इस समय खरीफ फसलों की स्थिति अच्छी है। रतलाम जिले में कुछ किसानों ने सोयाबीन की बोनी बी.बी.एफ पद्धति (ब्राड बेड फरो) पद्धति एवं रीज्ड एण्ड फरो पद्धति से की है। लेकिन जिन किसानों द्वारा अपने खेतों में परंपरागत विधि से सोयाबीन फसल की बोनी की है। उन खेतों में जल भराव की स्थिति में जल निकास का कार्य करें इस समय सोयाबीन फसल में कहीं-कहीं पत्ती खाने वाली इल्लियों का प्रकोप दिखाई दे रहा है। जिसके नियंत्रण के लिए मिश्रित कीटनाशक इंडोक्साकर्ब 850 मिली प्रति हेक्टेयर या बीटा सल्फ्यूरिन, इमिडाक्लोरोप्रिड 350 मिली प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें।
इसके अलावा प्राकृतिक खेती करने के वाले किसानों को इल्लियों की रोकथाम के लिए बेसिलस थूरिन्जीएनसिस बेसियाना 1 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करने की सलाह दी जाती है। साथ ही प्रकाश प्रपंच का उपयोग के साथ पक्षियों के बैठने के लिए टी आकर के खुटिया लगाने के बारे में बताया गया। इसी प्रकार मक्का फसल में फालआर्मी वर्म कीट का प्रकोप देखा गया है इसके नियंत्रण के लिए एमामेक्टिन बेंजोएट 5 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर मक्का की फसल में छिड़काव करने की सलाह दी गई है।