मोरवन। जावद रोड स्थित सामुदायिक भवन में मोरवन महिला मंडल, भगवान लक्ष्मी नारायण समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से चल रही तीन दिवसीय नानी बाई के मायरे की कथा के दूसरे दिन मंगलवार को सैकड़ों श्रद्धालु भक्ति भाव से कथा श्रवण हेतु पहुंचे।
व्यासपीठ से साध्वी जयमाला दीदी (नीलिया वाले) ने कथा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि जिस घर में नारी का सम्मान होता है, वहां भगवान द्वारकाधीश का वास होता है। उन्होंने नरसी मेहता की कथा सुनाते हुए बताया कि कैसे संत नरसी मेहता ने अपनी पुत्री नानी बाई के मायरे की चिंता भगवान के भरोसे छोड़ दी और भगवान द्वारकाधीश ने स्वयं भेष बदलकर उनकी टूटी गाड़ी की सहायता की। कथा प्रसंग में उन्होंने कहा, “जो करेगा सांवरिया सेठ ही करेगा”, इस कथन से उपस्थित जन भावविभोर हो उठे।
दीदी ने बताया कि नरसी मेहता ने 14 करोड़ का दान किया, जिससे प्रसन्न होकर भगवान द्वारकाधीश ने 56 करोड़ का मायरा भरकर उनका मान रखा। कथा के दौरान उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि “दान करने से धन घटता नहीं, बल्कि बढ़ता है”। उन्होंने समाज को आपसी प्रेम, भाईचारे और नारी सम्मान का संदेश देते हुए कहा कि परिवार में लड़ाई-झगड़े से बेहतर है कि एकजुटता से जीवन जिया जाए।
दीदी ने राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देते हुए कहा, “अगर लड़ना ही है तो सरहद पर जाकर देश के दुश्मनों से लड़ो।” उन्होंने भगत सिंह, महाराणा प्रताप और झांसी की रानी जैसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और ष्जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा... भजन से वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
दूसरे दिन बसेड़ी, भाटी, दड़ौली, रामनगर, नीलिया, कुंडल, गणेशपुरा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के अंत में आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। कल बुधवार को कथा का समापन होगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरसी मेहता की गाड़ी सुधारना व 56 करोड़ का मायरा भरने की लीलाएं सुनाई जाएंगी। लक्ष्मी नारायण मंदिर समिति मोरवन ने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि कथा के अंतिम दिन बुधवार को प्रातः 11 बजे सामुदायिक भवन, जावद रोड मोरवन पहुंचकर अधिक से अधिक संख्या में धर्मलाभ लें।