अशोकनगर। लगातार बारिश से खरीफ की फसलों को हुए नुकसान के बाद बुधवार सुबह 6 बजे किसान मुआवजे और बीमा सर्वे की मांग लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े किसानों ने अधिकारियों को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। 10 घंटे बाद शाम 4 बजे कलेक्टर से मिलने के बाद ही उन्होंने अपनी मांगें सौंपीं।
कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े रहे किसान
दोपहर में डिप्टी कलेक्टर इसरार खान और नायब तहसीलदार शंभू मीना मौके पर पहुंचे और ज्ञापन देने को कहा, लेकिन किसानों ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे अपनी बात सिर्फ कलेक्टर आदित्य सिंह से ही कहेंगे। अपर कलेक्टर मुकेश कुमार शर्मा भी पहुंचे, पर उन्हें भी किसानों ने कुछ नहीं बताया और दोबारा धरने पर बैठ गए।
शाम को कलेक्टर से मिलकर सौंपा ज्ञापन
शाम के समय किसान फिर एकत्रित होकर कलेक्टर आदित्य सिंह से मिलने पहुंचे। वहां उन्होंने ज्ञापन सौंपा और बताया कि जिले में अतिवृष्टि से मक्का और अन्य फसलें नष्ट हो गई हैं, लेकिन अब तक सर्वे नहीं हुआ है। किसानों ने सर्वे कराकर 10,000 रुपये प्रति बीघा मुआवजा देने, फसल बीमा दिलाने, किसान क्रेडिट कार्ड का ब्याज माफ करने, यूरिया-डीएपी की पर्याप्त व्यवस्था करने, बिजली बिल माफ करने और मोटर कनेक्शन का हॉर्सपावर बिना जानकारी न बढ़ाने की मांग रखी।
किसानों ने बताया कि कई खेतों में जहां मक्का बोई गई थी, वहां बीमा सर्वे में सोयाबीन दर्ज कर दी गई है। साथ ही बीमा राशि भी बिना सर्वे काटी गई, जो अनुचित है।