मंदसौर/नीमच। सांसद सुधीर गुप्ता ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा लोकसभा में उठाते हुए केंद्र सरकार से स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल राहत उपायों की मांग की। उन्होंने प्रश्न करते हुए कहा कि बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और मौसम की चरम स्थितियों के कारण देशभर के किसानों को व्यापक नुकसान हुआ है।
सांसद गुप्ता ने पूछा कि क्या सरकार ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण हुए फसल नुकसान का सर्वे कराया है, और प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? उन्होंने यह भी जानकारी मांगी कि क्या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा दिया गया है।
प्रश्न के जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि मानसून सीजन 2025 (14 जुलाई तक) के दौरान ओलावृष्टि, भारी वर्षा और बाढ़ से 1,58,651.077 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इससे धान, गेहूं, जौ, सरसों, ज्वार, बाजरा, मक्का, प्याज और बागवानी जैसी फसलें नुकसान की चपेट में आईं।
मंत्री चौहान ने कहा कि आपदा प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है, लेकिन केंद्र सरकार लॉजिस्टिक और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। राज्य सरकारें एसडीआरएफ (राज्य आपदा राहत कोष) के तहत भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मानकों के अनुसार 12 अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में सहायता प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रभावित किसानों को बीमा दावों का भुगतान तय समय सीमा के भीतर किया जा रहा है, ताकि नुकसान की भरपाई समय पर की जा सके।