भोपाल। समुद्र मंथन दिवस के अवसर पर गुरुवार 24 जुलाई से राजधानी भोपाल स्थित रवींद्र भवन में ‘हरिहर राष्ट्रीय नाट्य समारोह’ और ‘भरतमुनि राष्ट्रीय संगोष्ठी’ का शुभारंभ होगा। छह दिन तक चलने वाले इस आयोजन की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम प्रदर्शनी और पुस्तक के लोकार्पण से करेंगे।
आयोजन के दौरान देशभर के 18 वरिष्ठ रंग गुरु, विशेषज्ञ और शोधार्थी नाट्यशास्त्र के विविध आयामों पर विमर्श करेंगे, साथ ही आठ चर्चित नाटकों की प्रस्तुतियां होंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हरिहर नाट्य समारोह के उद्घाटन सत्र में ‘कलाओं में बघेश्वर और मणिधर’ नामक चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। साथ ही, वीर भारत न्यास द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘लोक में मणिधर-बघेश्वर’ का लोकार्पण भी करेंगे। प्रदर्शनी में पारंपरिक लोक व जनजातीय कलाओं में सिंह (बघेश्वर) और नाग (मणिधर) की दुर्लभ छवियों को संकलित किया गया है।
वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि ष्समुद्र मंथन में हरि और हर की भूमिका अद्वितीय रही है। बाघ और नाग केवल प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा के महत्वपूर्ण संवाहक भी हैं। इनके माध्यम से समाज के विकास की धाराएं स्पष्ट होती हैं।
24 से 29 जुलाई तक होगा नाट्य समारोह
मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग और नाट्य विद्यालय के सहयोग से हो रहे आयोजन में 24 जुलाई से 29 जुलाई तक हरिहर राष्ट्रीय नाट्य समारोह और 25 से 28 जुलाई तक भरतमुनि राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने बताया कि यह केवल एक नाट्य महोत्सव नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, विचार और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का अनूठा संगम है। श्रावण मास में हरियाली अमावस्या पर इसका शुभारंभ किया जाना भी प्रकृति के प्रति हमारे भाव को प्रकट करता है।
उद्घाटन दिवस पर होगा श्समुद्र मंथनश् नाटक का मंचन
आयोजन के पहले दिन 24 जुलाई को राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली द्वारा नाटक ‘समुद्र मंथन’ का मंचन किया जाएगा। इसका निर्देशन स्वयं एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने किया है। इसके अलावा अन्य प्रमुख प्रस्तुतियां भी अलग अलग दिन होंगी।