नीमच। देश की सेवा में दिन-रात तत्पर रहने वाले सीआरपीएफ के जवानों को अक्सर विपरीत परिस्थितियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के दोहरे दबाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह तनाव और चिंता उनके मानसिक स्वास्थ्य, कार्यक्षमता और व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित कर सकती है। इसी चुनौती को समझते हुए, सीआरपीएफ नीमच द्वारा जवानों और अधिकारियों के लिए हार्टफुलनेस मेडिटेशन नामक एक विशेष ध्यान अभ्यास की शुरुआत की गई है।
यह अनूठी पहल सीआरपीएफ के आईजी संदीप दत्ता और रजनी दत्ता के मार्गदर्शन में शुरू की गई है। इस ध्यान विधि से जवानों को मानसिक शांति के साथ-साथ खुशहाल और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा मिल रही है।
आईजी संदीप दत्ता ने ध्यान अभ्यास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हार्टफुलनेस मेडिटेशन से व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच के साथ जीवन जी सकता है। यह अभ्यास हृदय को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे शरीर की समस्त गतिविधियाँ सहज रूप से संचालित होती हैं। यह जवानों के जीवन में सुखद और सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।
वहीं रजनी दत्ता ने बताया कि यह ध्यान पद्धति तनाव रहित जीवन जीने की राह को सरल बनाती है। इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं और हर व्यक्ति को इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
हार्टफुलनेस मेडिटेशन से जवानों को मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक संतुलन और आंतरिक शांति प्राप्त हो रही है, जिससे उनका व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन बेहतर हो रहा है। सीआरपीएफ नीमच की यह पहल निश्चित रूप से एक प्रेरणादायी और प्रभावशाली कदम है, जिसे अन्य सुरक्षा बलों द्वारा भी अपनाया जा सकता है।