नीमच। टाटा पावर रिन्यूएबल्स एनर्जी लिमिटेड (TPREL) ने नीमच जिले के सिंगोली के पास बड़ी में 431 मेगावाट पीक (MWp) का अत्याधुनिक सौर ऊर्जा संयंत्र सफलतापूर्वक विकसित किया है। यह प्लांट इंदौर शहर की लगभग 95% बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है और हर वर्ष लगभग 7.8 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी लाकर भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूती प्रदान करेगा।
यह परियोजना 2,000 एकड़ में फैली है और इसमें 7,65,408 बाईफेशियल ग्लास-टू-ग्लास सोलर पैनल लगाए गए हैं। प्लांट में सिंगल-एक्सिस ट्रैकर्स तकनीक का उपयोग किया गया है, जो सूर्य की दिशा के अनुसार सोलर पैनल को घुमाकर बिजली उत्पादन को लगभग 15% तक बढ़ाता है।
TPREL ने बताया कि यह प्लांट पश्चिम मध्य रेलवे और मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) को स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति करता है और भारत के 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के लक्ष्य को सहयोग देता है।
कंपनी के अधिकारियों ने गुरूवार को पत्रकारों को प्लांट का दौरा कराया और इसकी तकनीकी विशेषताओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि टाटा पावर सीएसआर गतिविधियों के तहत नीमच जिले में उद्योगिनी प्रोजेक्ट, 'लैब ऑन बाइक', स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, हेल्थ कैंप्स, शैक्षणिक सहयोग और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम संचालित कर रही है।