श्योपुर। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग (महिला एवं बाल विकास) में बड़ी असंतुष्टि का मामला सामने आया है। जिले की सभी सेक्टर पर्यवेक्षकों ने ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सेक्टर पर्यवेक्षक रेखा अग्रवाल का निलंबन रद्द नहीं किया गया, तो वे 27 जुलाई से अनिश्चितकालीन सामूहिक छुट्टी पर चली जाएंगे।
41 पदों में केवल 25 पर्यवेक्षक कर रहे काम
ज्ञापन में बताया गया है कि जिले के स्वीकृत 41 पदों में केवल 25 पर्यवेक्षक काम कर रहे हैं। इन कार्यकर्ताओं पर दो से तीन अतिरिक्त सेक्टरों की जिम्मेदारी है। कराहल क्षेत्र में हाल ही में मौसमी बीमारियों का प्रकोप था, जिसमें कई लोगों की तबीयत बिगड़ी और कुछ मौतें भी हुई थीं।
पर्यवेक्षकों ने तानाशाही रवैया का आरोप लगाया
रेखा अग्रवाल को कराहल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था, लेकिन विभाग ने उनकी पक्ष-विहीन जांच के बाद निलंबन कर दिया, जिस पर पर्यवेक्षकों ने तानाशाही रवैया का आरोप लगाया है।
पर्यवेक्षकों ने चेतावनी दी है कि अगर विभाग ने उनकी मांगे पूरी नहीं हुई, तो आने वाले समय में विभागीय योजनाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव एनआरसी योग्य बच्चों, सेम मेम बच्चों और आवंटित योजनाओं की सेवा पर पड़ेगा।