बुरहानपुर। खंडवा संसदीय सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने शुक्रवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत बुरहानपुर जिले में गन्ने के कचरे से एथेनॉल उत्पादन उद्योग स्थापित करने की मांग रखी। इस मांग का उद्देश्य गन्ने के कचरे का सदुपयोग करना और पर्यावरण को स्वच्छ रखना है।
सांसद पाटील ने सदन के माध्यम से बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र के बुरहानपुर जिले में किसान बड़ी मात्रा में गन्ने का उत्पादन करते हैं। अगर सरकार गन्ने के कचरे से एथेनॉल उत्पादन के लिए एक उद्योग स्थापित करती है, तो यह क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी सौगात होगी।
पाटील ने बताया कि एथेनॉल एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है जिसकी मांग लगातार बढ़ रही है। गन्ने के कचरे से एथेनॉल का उत्पादन एक लाभदायक व्यवसाय है। यह न केवल चीनी उद्योग को विविधता प्रदान करता है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।
बोले- यह स्थानी यह उद्योगों के लिए फायदेमंद
सांसद ने कहा कि बुरहानपुर जिला एक प्रमुख चीनी उत्पादक है। उन्हें विश्वास है कि एथेनॉल उद्योग की स्थापना से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। साथ ही गन्ने के कचरे का बेहतर उपयोग होकर अपशिष्ट कम होगा।
उन्होंने आगे बताया कि एथेनॉल एक स्वच्छ ईंधन है जो प्रदूषण को कम करने में मदद करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। इस उद्योग के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध है।
सांसद पाटील ने सदन के माध्यम से अनुरोध किया है कि बुरहानपुर जिले में इथेनॉल उद्योग की स्थापना की जाए। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। एथेनॉल जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद करता है। यह उद्योग पर्यावरण, किसानों और स्थानीय उद्योगों के लिए फायदेमंद होगा।