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July 25, 2025, 3:03 pm
KHABAR : अमरकंटक में देश के सभी राज्यों को मिलेगी ट्रेनिंग, केंद्र सरकार से एग्रीमेंट के बाद एक्सीलेंस सेंटर के रूप में करेगा काम, पढे़ खबर 

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भोपाल। प्रदेश के ट्राइबल विश्वविद्यालय अमरकंटक में अब देश के उन सभी राज्यों के लोगों को ट्रेनिंग दी जा सकेगी, जहां आदिवासियों के उत्थान के लिए पेसा एक्ट लागू है। इन राज्यों में मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।


एमपी में पेसा एक्ट के जरिए 8 हजार से अधिक विवादों का निराकरण चौपाल के माध्यम से किया जा चुका है और इसके लिए थाना, कचहरी के चक्कर काटने से लोगों को निजात मिली है।


जनजातीय समुदाय ने प्रदेश में अब तक लगभग 8 हजार से अधिक विवाद के प्रकरणों का चौपाल के माध्यम से निराकरण कर मिसाल पेश की है। इसमें दो भाइयों के बीच, पति-पत्नी, पिता-पुत्र सहित जमीन संबंधी विवाद शामिल हैं।


जनजातीय समुदाय के लोगों को छोटे-छोटे विवाद में पुलिस थाने के चक्कर न लगाने पड़ें, वे आपस में बैठकर ही मामले सुलझाएं और उनकी परंपरा-कला- संस्कृति की भी रक्षा हो सके। इसके लिए प्रदेश सरकार ने पेसा अधिनियम लागू किया है।


जानिए एमपी में पेसा समितियों के बारे में
पेसा अधिनियम में मध्यप्रदेश में तीन प्रकार की समितियां काम कर रही है। इसमें शांति और विवाद निवारण समिति, सहयोगिनी मातृ समिति और वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति शामिल हैं।


शांति और विवाद निवारण समिति की संख्या 11 हजार 639 है।
वन संसाधन योजना और नियंत्रण समिति की संख्या 11 हजार 331 है। सहयोगिनी मातृ निवारण समिति की संख्या 21 हजार 887 है।

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