नीमच। नगर में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा एवं रुद्राभिषेक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस अवसर पर परम पूज्य दीदी माँ ऋतंभरा जी की शिष्या पूज्य आचार्य सुश्री साध्वी सत्या सिद्धा गिरी जी महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि दीन-दुखियों की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है।
साध्वी जी ने विशेष रूप से निराश्रित आदिवासी बेटियों को शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भर बनाने के कार्य को मानवता का सर्वाेच्च धर्म बताया। उन्होंने श्वात्सल्य धामश् में संचालित सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि वहाँ सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं, साथ ही कई बेटियों का विवाह भी संपन्न हो चुका है।
प्रवचन के दौरान उन्होंने दान के महत्व और भारतीय संस्कृति में संस्कारों के निर्वहन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। कथा के दौरान भगवान कार्तिकेय एवं गणेश जन्म पर आधारित झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति गौरव चोपड़ा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।